{"_id":"68e4077cb8d9c064300d12af","slug":"government-order-buried-in-files-funds-worth-rs-752-crore-locked-ghazipur-news-c-313-1-svns1007-140287-2025-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: फाइलों में दबा शासनादेश, 7.52 करोड़ की धनराशि पर ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: फाइलों में दबा शासनादेश, 7.52 करोड़ की धनराशि पर ताला
विज्ञापन
गाजीपुर। प्रत्येक ग्राम पंचायत सदस्य को प्रति बैठक 100 रुपये मानदेय (अधिकतम 12 बैठक वार्षिक) देने का प्रावधान है। यह भुगतान राज वित्त की मद से करना होता है,लेकिन गाजीपुर में यह आदेश अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता से चार साल बाद भी सिर्फ फाइलों तक सीमित है। 16 दिसंबर 2021 को शासनादेश जारी हुआ था। ऐसे में मानदेय का 7 करोड़ 52 लाख 64 हजार रुपये से अधिक की धनराशि बकाया है। प्रदेश सरकार ने सबसे छोटी इकाई ग्राम पंचायत के सदस्यों की भागीदारी को सम्मान देने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रति बैठक मानदेय देने का प्रावधान कर रखा है। जिले की 1238 ग्राम पंचायतों के करीब 15680 सदस्य है, जो अब तक एक रुपये तक का भुगतान नहीं पा सकें है। ज्यादातर ग्राम पंचायत सदस्यों को पता ही नहीं कि उन्हें किसी भत्ते का हक मिलता है। उनका कहना था कि अधिकारियों ने कभी इस योजना की जानकारी नहीं दी। कुछ सदस्यों ने कहा कि डीपीआरओ और ब्लॉक अधिकारी चाहें तो हफ्ते भर में भुगतान करा सकते हैं, लेकिन जानबूझकर टालमटोल किया जा रहा है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रतिनिधियों को उनका अधिकार नहीं मिलेगा तो उनकी जिम्मेदारी और उत्साह पर भी असर पड़ेगा। कुछ ग्राम प्रधानों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ग्राम पंचायत सदस्यों को प्रति बैठक 100 रुपये देने का शासनादेश सुनने में आया था, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कभी कोई जानकारी नहीं दी और न ही सदस्यों को भत्ता ही दिया जाता है। संवाद
सदस्यों की जुबानी...
आज तक कोई बैठक नहीं हुई। केवल एक बार शुरुआती दौर में हस्ताक्षर कराया गया। न कभी भत्ता मिला न बैठक की जानकारी दी गई। प्रधान और सचिव जो चाहें आपस में मिलकर कर लेते हैं।-रामनारायण यादव,ग्रापं सदस्य वार्ड नंबर 14, गोपालपुर, ब्लॉक सैदपुर।
कभी इस बारे में बताया नहीं गया कि हमें कोई धनराशि मिलनी है। हमारे हिस्से का पैसा सरकार दे रही है तो वह कहां जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए।-जितेंद्र कुमा गुप्ता,ग्रापं सदस्य, वार्ड नं. 14 सेवराई, ब्लॉक भदौरा।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत की किसी बैठक की जानकारी नहीं होती है और न तो कोई मानदेय ही मिलता है। पूछने पर कोई जानकारी नहीं देता है।-द्वारिका प्रसाद गुप्ता,ग्रापं सदस्य, वार्ड नं.4,हरदासपुर, ब्लॉक बारांचवर।
ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा किसी बैठक में नहीं बुलाया जाता। न ही इसकी जानकारी दी जाती है। अब तक एक रुपये भी मानदेय नहीं मिला है। -महरानी देवी, ग्रापं सदस्य, वार्ड नं.4, खड़हरा, ब्लॉक बारांचवर।
जिले में ग्राम पंचायतें : 1238
कुल पंचायत सदस्य : 15680
प्रति बैठक भत्ता 100 रुपये
प्रतिमाह भुगतान 15,68,000 रुपये
प्रतिवर्ष भुगतान : 1,88,16,000 रुपये
चार साल से अटका भुगतान : 7,52,64,000 रुपये
यह सही है कि ग्राम पंचायत सदस्यों को अब तक मानदेय नहीं दिया गया है। राज्य वित्त की धनराशि प्राप्त होते ही प्राथमिकता के आधार पर ग्राम पंचायत सदस्यों को पिछले एक वर्ष के मानदेय का भ़ुगतान किया जाएगा। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों को निर्देशित कर दिया गया है। -रमेश चंद्र उपाध्याय,प्रभारी डीपीआरओ, गाजीपुर।
विज्ञापन
सदस्यों की जुबानी...
आज तक कोई बैठक नहीं हुई। केवल एक बार शुरुआती दौर में हस्ताक्षर कराया गया। न कभी भत्ता मिला न बैठक की जानकारी दी गई। प्रधान और सचिव जो चाहें आपस में मिलकर कर लेते हैं।-रामनारायण यादव,ग्रापं सदस्य वार्ड नंबर 14, गोपालपुर, ब्लॉक सैदपुर।
विज्ञापन
कभी इस बारे में बताया नहीं गया कि हमें कोई धनराशि मिलनी है। हमारे हिस्से का पैसा सरकार दे रही है तो वह कहां जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए।-जितेंद्र कुमा गुप्ता,ग्रापं सदस्य, वार्ड नं. 14 सेवराई, ब्लॉक भदौरा।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत की किसी बैठक की जानकारी नहीं होती है और न तो कोई मानदेय ही मिलता है। पूछने पर कोई जानकारी नहीं देता है।-द्वारिका प्रसाद गुप्ता,ग्रापं सदस्य, वार्ड नं.4,हरदासपुर, ब्लॉक बारांचवर।
ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा किसी बैठक में नहीं बुलाया जाता। न ही इसकी जानकारी दी जाती है। अब तक एक रुपये भी मानदेय नहीं मिला है। -महरानी देवी, ग्रापं सदस्य, वार्ड नं.4, खड़हरा, ब्लॉक बारांचवर।
जिले में ग्राम पंचायतें : 1238
कुल पंचायत सदस्य : 15680
प्रति बैठक भत्ता 100 रुपये
प्रतिमाह भुगतान 15,68,000 रुपये
प्रतिवर्ष भुगतान : 1,88,16,000 रुपये
चार साल से अटका भुगतान : 7,52,64,000 रुपये
यह सही है कि ग्राम पंचायत सदस्यों को अब तक मानदेय नहीं दिया गया है। राज्य वित्त की धनराशि प्राप्त होते ही प्राथमिकता के आधार पर ग्राम पंचायत सदस्यों को पिछले एक वर्ष के मानदेय का भ़ुगतान किया जाएगा। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों को निर्देशित कर दिया गया है। -रमेश चंद्र उपाध्याय,प्रभारी डीपीआरओ, गाजीपुर।