UP News: 'सरकार कर रही साजिश, मैं डरने वाला नहीं', जमानत पर जेल से बाहर आते ही अफजाल अंसारी ने भरी हुंकार
गैंगस्टर के मामले में गाजीपुर जिला जेल में बंद पूर्व सांसद अफजाल अंसारी को जमानत मिलने के बाद गुरुवार की देर शाम रिहा कर दिया गया। अपने आवास पर पहुंचते ही अफजाल ने वहां मौजूद समर्थकों को संबोधित किया।
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गैंगस्टर मामले में सजायाफ्ता बसपा का पूर्व सांसद गुरुवार शाम गाजीपुर जिला जेल से जमानत पर बाहर आया तो उसके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। मुहम्मदाबाद स्थित आवास फाटक पर पहुंचते ही अफजाल ने समर्थकों को संबोधित किया। कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट से इंसाफ मिल गया और सजा स्टे हो गई तो हमारी लोकसभा सदस्यता भी बहाल होगी। अगर नहीं हुआ तो यहां उपचुनाव होने की संभावना है।
पूर्व सांसद ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि उनकी सोच थी कि लोग दहशत में आ जाएं, डर जाएं, लेकिन लोग डरे नहीं। यह सारी कार्रवाई गरीब और कमजोर लोगों को डरा देने की है। सरकार महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान हटाने के लिए साजिश के तहत विरोधियों को फंसाने का काम कर रही है। मुझे भी फंसाया गया लेकिन मै डरने वाला नहीं हूं।
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जेल जाते वक्त सता रही थी बस एक बात की चिंता
अफजाल अंसारी ने अपने आवास पर पहुंचे समर्थकों का शुक्रिया भी अदा किया और कहा कि इस कस्बे के लोगों का मैं बहुत शुक्रगुजार हूं। मेरा दिल जीत लिया इस कस्बे के लोगों ने। जब जेल गया तो उस समय बस एक ही चिंता सता रही थी कि हमें बंद किया गया है और पांच दिन बाद नगर पालिका परिषद का चुनाव है।
किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि ये जिले में पिछली बार दो सीटें जीते थे। इस बार भी इनकी तीन ही सीट है। मुहम्मदाबाद में काफी शानदार तरीके से नगर पालिका चुनाव में जीत मिली है, इसके लिए सबको मुबारकबाद देता हूं। इस मौके पर पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी, पूर्व चेयरमैन शमीम अहमद, पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा समेत कई लोग मौजूद रहे।
गाजीपुर जिले का बढ़ेगा सियासी तापमान
अफजाल अंसारी के जेल से बाहर आने पर सियासी तापमान गाजीपुर जिले का सियासी तापमान बढ़ना तय माना जा रहा है। अफजाल की संसद की सदस्यता समाप्त होने के बाद उपचुनाव को लगाए जा रहे कयास और चुनावी समीकरण अब बदले नजर आएंगे। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन से अफजाल अंसारी ने गाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीता था। 2014 में सांसद बने मनोज सिन्हा को एक लाख से ज्यादा मतों से हराया था।
इसी के साथ गाजीपुर लोकसभा सीट पर बसपा ने पहली बार परचम लहराया था। 2024 के चुनाव में भाजपा हर हाल में इस सीट पर वापसी की जुगत में जुटी है। यही वजह है कि जनवरी माह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गाजीपुर से चुनावी शंखनाद किया था। इस बार सुभासपा भी भाजपा गठबंधन के साथ है। ऐसे में जिले का सियासी समीकरण देखना दिलचस्प होगा।