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Ghazipur News: अब तो मजहब कोई ऐसा भी चलाया जाए, इंसान को इंसान बनाया जाए
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अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से महाकवि एवं प्रख्यात गीतकार गोपालदास नीरज की जयंती पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी बुधवार को चंदन नगर में हुई।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि नीरज हिंदी के साहित्यकार, कवि, शिक्षक के साथ-साथ महान गीतकार थे। वह पहले ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें सरकार ने शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में दो दो बार पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया।
फिल्मी गीत लेखन के लिए उन्हें तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्हें पिछले समाजवादी पार्टी के शासन काल में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने भाषा संस्थान का अध्यक्ष नामित कर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया था। उन्होंने कहा कि उनकी रचनाओं के संसार का इतना बड़ा फलक था कि उनके चाहने वाले लोग आजीवन उन्हें अपने दिलों में जिंदा रखेंगे। उनकी आवाज और गीत सुनने वालों के दिलो-दिमाग में उतर जाया करती थी।
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उन्हें समाजवादी पार्टी की सरकार ने यश भारती सम्मान से भी सम्मानित किया था। इस अवसर पर मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, शैल श्रीवास्तव, सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, विवेक श्रीवास्तव, मोहनलाल श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। गोष्ठी का संचालन महामंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने किया।
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इस मौके पर जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि नीरज हिंदी के साहित्यकार, कवि, शिक्षक के साथ-साथ महान गीतकार थे। वह पहले ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें सरकार ने शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में दो दो बार पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया।
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फिल्मी गीत लेखन के लिए उन्हें तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्हें पिछले समाजवादी पार्टी के शासन काल में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने भाषा संस्थान का अध्यक्ष नामित कर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया था। उन्होंने कहा कि उनकी रचनाओं के संसार का इतना बड़ा फलक था कि उनके चाहने वाले लोग आजीवन उन्हें अपने दिलों में जिंदा रखेंगे। उनकी आवाज और गीत सुनने वालों के दिलो-दिमाग में उतर जाया करती थी।
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उन्हें समाजवादी पार्टी की सरकार ने यश भारती सम्मान से भी सम्मानित किया था। इस अवसर पर मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, शैल श्रीवास्तव, सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, विवेक श्रीवास्तव, मोहनलाल श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। गोष्ठी का संचालन महामंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने किया।