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गंगाजल लेने के लिए उमड़े कांवरिया
अमर उजाला ब्यूरो गाजीपुर।
Updated Sun, 09 Aug 2015 11:05 PM IST
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सावन के दूसरे सोमवार को देवाधिदेव का जलाभिषेक करने के लिए रविवार को शहर के ददरीघाट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों कांवरियों ने गंगा स्नान करने के बाद कांवर में जल भरा और हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए मरदह के महाहर धाम के लिए रवाना हुए। दोपहर बाद से शुरु हुआ यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। सुरक्षा की दृष्टि से घाट पर पर्याप्त संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।
रविवार की दोपहर बाद से ग्रामीण क्षेत्रों सहित दूसरे जनपद के कावंरियों का शहर में आने का क्रम शुरु हो गया। जैसे-जैसे शाम ढलती गई, वैसे-वैसे कावंरियों की संख्या में वृद्धि होती गई। शाम साढ़ पांच बजे तक खासकर गंगा घाट जाने वाले मार्ग कांवरियों से पूरी तरह से पट गए। इसके बाद पूजन सामग्री की दूकानों से कावंर सहित अन्य पूजन सामग्रियों की खरीदारी की। इसके बाद वे ददरीघाट और चीतनाथ के घाट के लिए रवाना हुए। सबसे ज्यादा भीड़ ददरीघाट पर रही। आलम यह था कि सिर्फ शिवभक्त ही दिखाई दे रहे थे। कांवरियों ने गंगा स्नान करने के बाद कांवर में जल भरा।
इसके बाद पूजा-अर्चन कर बाबा का जयघोष करते हुए जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर महाहर धाम के लिए पदयात्रा करते हुए रवाना हुए। कावंरियों द्वारा बोल-बम, बाबा नगरिया दूर है जाना जरूर है, आदि का जयघोष किए जाने से समूचा वातावरण शिवमय बना रहा। कावंरिए जिन मार्गों से गुजरे, उन मार्गों पर आवागमन में कई बार अवरोध उत्पन्न हुआ।
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भीड़ को देखते हुए कई मार्गों पर पुलिस प्रशासन ने वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दिया था। शहर में कावंरियों की उमड़ी भीड़ में महिलाओं, युवतियों और बुजुर्गों की भी अच्छी खासी संख्या में भीड़ रही। उनकी भक्ति देखते ही बन रही थी। उनके पांव बिना लड़खड़ाए बाबा के दरबार के लिए बढ़ रहे थे।
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रविवार की दोपहर बाद से ग्रामीण क्षेत्रों सहित दूसरे जनपद के कावंरियों का शहर में आने का क्रम शुरु हो गया। जैसे-जैसे शाम ढलती गई, वैसे-वैसे कावंरियों की संख्या में वृद्धि होती गई। शाम साढ़ पांच बजे तक खासकर गंगा घाट जाने वाले मार्ग कांवरियों से पूरी तरह से पट गए। इसके बाद पूजन सामग्री की दूकानों से कावंर सहित अन्य पूजन सामग्रियों की खरीदारी की। इसके बाद वे ददरीघाट और चीतनाथ के घाट के लिए रवाना हुए। सबसे ज्यादा भीड़ ददरीघाट पर रही। आलम यह था कि सिर्फ शिवभक्त ही दिखाई दे रहे थे। कांवरियों ने गंगा स्नान करने के बाद कांवर में जल भरा।
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इसके बाद पूजा-अर्चन कर बाबा का जयघोष करते हुए जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर महाहर धाम के लिए पदयात्रा करते हुए रवाना हुए। कावंरियों द्वारा बोल-बम, बाबा नगरिया दूर है जाना जरूर है, आदि का जयघोष किए जाने से समूचा वातावरण शिवमय बना रहा। कावंरिए जिन मार्गों से गुजरे, उन मार्गों पर आवागमन में कई बार अवरोध उत्पन्न हुआ।
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भीड़ को देखते हुए कई मार्गों पर पुलिस प्रशासन ने वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दिया था। शहर में कावंरियों की उमड़ी भीड़ में महिलाओं, युवतियों और बुजुर्गों की भी अच्छी खासी संख्या में भीड़ रही। उनकी भक्ति देखते ही बन रही थी। उनके पांव बिना लड़खड़ाए बाबा के दरबार के लिए बढ़ रहे थे।