कासिमाबाद। किसानों का उत्पीड़न एवं कमरतोड़ महंगाई आदि मुद्दों को लेकर किसान सभा ने आठ जनवरी को पूरे भारत बंद का आह्वान किया है। यह बातें किसान सभा के प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने शुक्रवार को थाना पार्क में आयोजित किसान सभा की बैठक में कही। उन्होंने बताया कि आजादी के 70 वर्ष बाद भी किसानों की स्थिति आज भी दयनीय बनी हुई है। खाद, बिजली के मूल्य में जबरदस्त वृद्धि से किसान खेती से मुंह मोड़ते जा रहे हैं। स्वामीनाथन आयोग की संस्तुतियों को लागू करने में सरकार हीलाहवाली कर रही है। 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके किसानों को 10 हजार रुपये प्रति माह पेंशन की मांग किसान सभा सरकार से लंबे समय से करती आ रही है। उन्होंने कहा कि किसानों का कर्ज माफ किया जाए तथा उन्हें लागत का उचित मूल्य दिया जाए। राजदेव यादव ने कहा कि जिले की कताई मिल और चीनी मिल को आज तक चालू नहीं किया गया। जबकि किसान सभा लंबे समय से आंदोलन करती चली आ रही है। गेहूं और धान की पराली जलाने पर प्रतिबंध को तत्काल हटाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों का उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है। सुरेंद्र राम ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों से आज किसान, मजदूर तथा व्यापारी वर्ग परेशान है। पढ़ा, लिखा नौजवान रोजगार के अभाव में सड़कों पर घूम रहा है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार हिटलरशाही अंदाज में देश को संचालित कर रही है। ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए सभी लोगों को एकजुट होकर आंदोलन करना होगा। बैठक में प्रेमनारायण पांडेय, घूरा यादव, संजय राम, सुमन पांडेय, दीना सिंह, कैलाश यादव, इरशाद अहमद, शंभू यादव, राजीव कुमार सिंह, रामदरशयादव, देवनाथ यादव, सत्येंद्र प्रजापति, सखरज यादव, लालजी यादव आदि ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता अशोक मिश्रा और संचालन सुरेंद्र राम ने किया।