गाजीपुर: जिस नाविक ने गंगा में मिली नवजात की बचाई थी जान, उसे प्रशासन ने दिया बड़ा इनाम, पूरे परिवार में हर्ष
गाजीपुर जिले में ददरी घाट पर गंगा में तैरते लकड़ी के बॉक्स में 21 दिन की बच्ची मिली थी। जिसे मल्लाह ने बचाया था और पुलिस को सूचना दी थी। मुख्यमंत्री ने मल्लाह के इस नेक कार्य की सराहना की थी। इस दौरान मल्लाह के घर तक आने-जाने के लिए मार्ग और नाव उपलब्ध कराने की घोषण की थी।
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गाजीपुर जिले के ददरी घाट के पास गंगा में तैरते बॉक्स में तीन माह पूर्व चुनरी में लिपटी मिली 21 दिन की नवजात बच्ची को गुल्लू मल्लाह ने गंगा में कूदकर बाहर निकाला था। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने बच्ची के पालन पोषण का खर्च सरकार द्वारा उठाए जाने के साथ मल्लाह के इस नेक कार्य की सराहना की थी। इस दौरान मल्लाह के घर तक आने-जाने के लिए मार्ग और नाव उपलब्ध कराने की घोषण की थी। रविवार को एडीएम (भू/रा) और नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ने नाव भी सुपुर्द कर दी।
बीते 15 जून को ददरीघाट निवासी गुल्लू मल्लाह घाट पर थे। कुछ लोगों ने बताया कि एक बॉक्स बहता हुआ जा रहा है और उसमें से बच्चे के रोने की आवाज आ रही है। यह सुनकर गुल्लू मल्लाह गंगा में कूद पड़े थे और बॉक्स को पानी से बाहर लाया था। जब बॉक्स को खोला तो एक बच्ची रो रही थी। उसे चुनरी में लपेटा गया था।
साथ ही बॉक्स में मां दुर्गा के चित्र के साथ पत्र भी था, जिस पर लिखा था- मां गंगा, आपको कन्यादान कर रही हूं। साथ ही बच्ची का जन्मदिन 25 मई 2021 दर्ज था। गुल्लू बच्ची को अपने घर लेकर आया और मां गंगा का आर्शीवाद कहकर अपनाना चाहता था, लेकिन पुलिस इसके लिए तैयार नहीं हुई थी।
इधर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने बच्ची के लालन-पालन का खर्च सरकार द्वारा उठाने के साथ नाविक की प्रशंसा करते हुए प्रोत्साहित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया था। डीएम मंगला प्रसाद ने गुल्लू से मुलाकात कर उसके नेक कार्य की सराहना की थी। साथ ही घर जाने के लिए मार्ग और नाव उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।
इधर बच्ची जिला महिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कर डॉक्टरों द्वारा उपचार शुरू कर दिया गया था। उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ होने पर चाइल्ड केयर की टीम लालन-पालन के लिए प्रयागराज लेकर चली गई। वहीं नगर पालिका की ओर से गुल्लू के घर तक जाने के लिए सड़क भी बनवा दी गई।
डीएम के प्रतिनिधिरूप में एडीएम (भू/रा) सुशील लाल श्रीवास्तव और नपा अध्यक्ष के प्रतिनिधि विनोद अग्रवाल द्वारा नाव सुपुर्द की गई। इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी लालचंद्र सरोज ने बताया गया कि एक नाव के साथ गुल्लू ने घर तक रास्ता बनवाने की मांग की थी, जिसे बनवा दिया गया है और नाव भी तैयार कर सुपुर्द कर दी है।