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गाजीपुर: होर्डिंग लगाने के लिए नगर की 75 साइटें चिह्नित, एक वर्ष के लिए एजेंसी को दिया जाता है ठेका
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शहर में बिजली के खंभों और सड़क किनारे लगे अवैध होर्डिंग।
- फोटो : GHAZIPUR
गाजीपुर नगर क्षेत्र में होर्डिंग लगाने के लिए नगर पालिका की ओर से 75 साइटों को चिह्नित किया गया है। समय-समय पर सर्वे कर सूची तैयार की जाती है, जिससे होर्डिंग लगने से आवागमन पर प्रभाव न पड़े। मौजूदा समय में चिह्नित साइटों से अधिक अवैध रूप से करीब 150 होर्डिंग लगे हुए हैं।
हालांकि, नगर पालिका हर साल टेंडर निकालकर होर्डिंग लगवाने का ठेका एजेंसी को देती है। इसमें पूरी फीस भी वसूल की जाती है। ऐसे में इनकी राजस्व हानि तो न के बराबर है, लेकिन अवैध रूप से बिजली के खंभों और अन्य स्थानों पर जो होर्डिंग लगाए जाते हैं, उनसे एजेंसी का संबंध नहीं होता है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि ऐसे स्थानों से होर्डिंग हटवाए जाते हैं, जहां आवागमन करने में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कुछ दिन पूर्व नपा की ओर से चले अभियान के तहत कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से लगाए गए तीन होर्डिंग हटाए गए थे।
शहर में होर्डिंग के चलते कोई हादसा तो नहीं हुआ, लेकिन लंका से लेकर विशेश्वरगंज तक सड़क के दोनों तरफ पटरियों पर दुकानदारों के बोर्ड रखकर अतिक्रमण करने से आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। इस संबंध नपा के ईओ लालचंद्र सरोज ने बताया कि होर्डिंग लगवाने के लिए नगर में स्थान चिह्नित किए गए हैं। टेंडर के माध्यम से एजेंसी को एक वर्ष का ठेका दिया जाता है। वे शुल्क लेकर होर्डिंग लगवाते हैं। जो होर्डिंग सड़क के किनारे आवागमन को प्रतिबंधित करते हैं, उन्हें अभियान चलाकर हटाया जाता है। शहर में बिजली के खंभों पर लगे अवैध होर्डिंग और पटरियों पर प्रचार के लिए रखे बोर्डों को अभियान चलाकर हटवाया जाएगा।
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हालांकि, नगर पालिका हर साल टेंडर निकालकर होर्डिंग लगवाने का ठेका एजेंसी को देती है। इसमें पूरी फीस भी वसूल की जाती है। ऐसे में इनकी राजस्व हानि तो न के बराबर है, लेकिन अवैध रूप से बिजली के खंभों और अन्य स्थानों पर जो होर्डिंग लगाए जाते हैं, उनसे एजेंसी का संबंध नहीं होता है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि ऐसे स्थानों से होर्डिंग हटवाए जाते हैं, जहां आवागमन करने में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कुछ दिन पूर्व नपा की ओर से चले अभियान के तहत कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से लगाए गए तीन होर्डिंग हटाए गए थे।
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शहर में होर्डिंग के चलते कोई हादसा तो नहीं हुआ, लेकिन लंका से लेकर विशेश्वरगंज तक सड़क के दोनों तरफ पटरियों पर दुकानदारों के बोर्ड रखकर अतिक्रमण करने से आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। इस संबंध नपा के ईओ लालचंद्र सरोज ने बताया कि होर्डिंग लगवाने के लिए नगर में स्थान चिह्नित किए गए हैं। टेंडर के माध्यम से एजेंसी को एक वर्ष का ठेका दिया जाता है। वे शुल्क लेकर होर्डिंग लगवाते हैं। जो होर्डिंग सड़क के किनारे आवागमन को प्रतिबंधित करते हैं, उन्हें अभियान चलाकर हटाया जाता है। शहर में बिजली के खंभों पर लगे अवैध होर्डिंग और पटरियों पर प्रचार के लिए रखे बोर्डों को अभियान चलाकर हटवाया जाएगा।
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