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आपदा राहत के घपलेबाजों को भेजें जेल
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Wed, 16 Mar 2016 12:07 AM IST
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सर्वदलीय धरना-प्रदर्शन में बोलते विधायक सिबगतुल्ला अंसारी।
- फोटो : अमर उजाला
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किसानों के हक पर डाका डालने वालों की जगह जेल में होनी चाहिए। आपदा राहत के घपलेबाजों को जेल भेजें। इस मामले में किसी तरह की लीपापोती नहीं होने दी जाएगी। मुहम्मदाबाद तहसील परिसर में आयोजित सर्वदलीय सभा में वक्ताओं ने ये बातें कहीं। धरने का आयोजन सेंट्रल बार एसोसिएशन ने किया था, जिसमें सभी दलों के नेताओं ने शिरकत की। जिलाधिकारी ने फोन पर तहसीलदार के स्थानांतरण के बाद मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।
सर्वदलीय धरने में शामिल अधिवक्ताओं, राजनीतिक दल के नेताओं, सामाजिक संगठनों, किसान संगठन, सेमरा के कटान पीड़ित और कई गांवों के प्रधानों ने प्रशासन को जनशक्ति का एहसास करा दिया। सबने एक स्वर में कहा कि हर हाल में किसानों के हक पर डाका डालने वाले को जेल भेजवा कर ही दम लेंगे।
विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी ने कहा कि विधानसभा में मामला उठने पर राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने भी घपले की बात स्वीकार की और मामले की जांच कराने को कहा है। आपदा राहत में ही नहीं बल्कि खाद्य सुरक्षा का राशन कार्ड बनाने में भी मनमानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुहम्मदाबाद के समीपवर्ती जिन 40 गांवों को कासिमाबाद तहसील में शामिल किया गया है, उनको वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं ने जो लड़ाई छेड़ी है, उसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए सर्वदलीय कमेटी गठित करने की मांग की।
पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव ने कहा कि इस आंदोलन में महिलाएं भी साथ हैं। अध्यक्षता कैप्टन अनिरुद्ध राय ने की। संचालन कृष्णानंद राय और धन्यवाद ज्ञापन आलोक कुमार राय ने किया। धरना सभा को पूर्व विधायक जयराम सिंह, विजय शंकर राय, विरेंद्र राय, रविकांत राय, ओमप्रकाश राय, राजेंद्र यादव, शम्भू सिंह अकेला, फेंकू सिंह यादव, आनंद राय सांकृत, प्रेमनाथ गुप्ता, जयप्रकाश राय, जनार्दन राय, बलिराम पटेल, मिर्जा अशफाक बेग, रामजी गिरी, उषा यादव, नृसिंह यादव, कृपाशंकर सिंह, अमित राय, राम अवतार राम, चंद्र प्रकाश राय, विश्वप्रकाश राय, प्रेमशंकर राय, प्रमोद राय, दीना राम, संजय यादव, सुभाष ने अपने विचार व्यक्त किए। बाद में मुख्यमंत्री को सम्बोधित पांच सूत्रीय मांगपत्र उपजिलाधिकारी त्रिभुवन विश्वकर्मा को सौंपा गया।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगे
आंदोलनकारी तहसीलदार को निलंबित कर मामले की जॉच एसआईटी से कराने, किसानों को आपदा राहत राशि का भुगतान करने, राशन कार्ड की गड़बड़ी दुरुस्त कराने, महिला चिकित्सालय में महिला डाक्टर की नियुक्ति करने, दुबिहा से तिवारीपुर मोड़ तक एवं कासिमाबाद से यूसुफपुर तक सड़क चौड़ी करने और बनाने, सेमरा के कटान पीड़ितों का पुनर्वास, उनके लिये भूमि खरीद की जांच कराने, कासिमाबाद में शामिल 40 गांवो को मुहम्मदाबाद में वापस शामिल करने की मॉग की गई।
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सर्वदलीय धरने में शामिल अधिवक्ताओं, राजनीतिक दल के नेताओं, सामाजिक संगठनों, किसान संगठन, सेमरा के कटान पीड़ित और कई गांवों के प्रधानों ने प्रशासन को जनशक्ति का एहसास करा दिया। सबने एक स्वर में कहा कि हर हाल में किसानों के हक पर डाका डालने वाले को जेल भेजवा कर ही दम लेंगे।
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विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी ने कहा कि विधानसभा में मामला उठने पर राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने भी घपले की बात स्वीकार की और मामले की जांच कराने को कहा है। आपदा राहत में ही नहीं बल्कि खाद्य सुरक्षा का राशन कार्ड बनाने में भी मनमानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुहम्मदाबाद के समीपवर्ती जिन 40 गांवों को कासिमाबाद तहसील में शामिल किया गया है, उनको वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं ने जो लड़ाई छेड़ी है, उसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए सर्वदलीय कमेटी गठित करने की मांग की।
पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव ने कहा कि इस आंदोलन में महिलाएं भी साथ हैं। अध्यक्षता कैप्टन अनिरुद्ध राय ने की। संचालन कृष्णानंद राय और धन्यवाद ज्ञापन आलोक कुमार राय ने किया। धरना सभा को पूर्व विधायक जयराम सिंह, विजय शंकर राय, विरेंद्र राय, रविकांत राय, ओमप्रकाश राय, राजेंद्र यादव, शम्भू सिंह अकेला, फेंकू सिंह यादव, आनंद राय सांकृत, प्रेमनाथ गुप्ता, जयप्रकाश राय, जनार्दन राय, बलिराम पटेल, मिर्जा अशफाक बेग, रामजी गिरी, उषा यादव, नृसिंह यादव, कृपाशंकर सिंह, अमित राय, राम अवतार राम, चंद्र प्रकाश राय, विश्वप्रकाश राय, प्रेमशंकर राय, प्रमोद राय, दीना राम, संजय यादव, सुभाष ने अपने विचार व्यक्त किए। बाद में मुख्यमंत्री को सम्बोधित पांच सूत्रीय मांगपत्र उपजिलाधिकारी त्रिभुवन विश्वकर्मा को सौंपा गया।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगे
आंदोलनकारी तहसीलदार को निलंबित कर मामले की जॉच एसआईटी से कराने, किसानों को आपदा राहत राशि का भुगतान करने, राशन कार्ड की गड़बड़ी दुरुस्त कराने, महिला चिकित्सालय में महिला डाक्टर की नियुक्ति करने, दुबिहा से तिवारीपुर मोड़ तक एवं कासिमाबाद से यूसुफपुर तक सड़क चौड़ी करने और बनाने, सेमरा के कटान पीड़ितों का पुनर्वास, उनके लिये भूमि खरीद की जांच कराने, कासिमाबाद में शामिल 40 गांवो को मुहम्मदाबाद में वापस शामिल करने की मॉग की गई।