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एसओ और आरक्षी ने रक्तदान कर बचाई वृद्धा की जान.
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सुहवल। आम जनता की सुरक्षा एवं देखभाल के साथ-साथ सुहवल थाना पुलिस मानवता और इंसानियत का धर्म निभाते हुए लोगों का विश्वास जीतने का कार्य कर रही है। बीते दिनों सड़क दुर्घटना में घायल वृद्धा को खून की आवश्यकता पड़ने पर प्रभारी निरीक्षक और आरक्षी ने एक-एक यूनिट खून देकर वृद्धा को बचाने का मानवीय कार्य कर लोगों के दिलों में पुलिस के लिए जगह बनाने का कार्य किया।
मालूम हो कि बीते चार दिसंबर को थाना क्षेत्र के चकिया में सड़क हादसे में रमाशंकर राम की पत्नी बेली देवी (75) गंभीर रूप से घायल हो गई थी। परिवार के लोग मऊ जिले के चिकित्सालय में उसका उपचार करा रहे हैं। चिकित्सक ने घायल वृद्धा के शरीर में आवश्यकता के अनुसार रक्त की कमी होने की बात परिजनों को बताई, लेकिन परिजनों ने रक्तदान करने से इंकार कर दिया। जब इसकी जानकारी सुहवल के प्रभारी निरीक्षक संजय वर्मा को हुई तो बिना देर किए संबंधित चिकित्सालय में आरक्षी संग रक्तदान करने के लिए रवाना हो गए। रविवार को थाना के प्रभारी निरीक्षक और आरक्षी गीतेश मिश्रा ने जरूरत के अनुसार एक-एक यूनिट खून देकर घायल वृद्ध महिला की जान बचाई। घायल के परिजनों ने पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। मालूम हो कि इसके पहले भी प्रभारी निरीक्षक एक दर्जन बार रक्तदान कर कई लोगों को काल के गाल में समाने से बचा चुके हैं। आरक्षी गीतेश मिश्रा भी पूर्व में तीन बार रक्तदान कर कर चुके हैं। प्रभारी निरीक्षक और आरक्षी के इस कार्य की क्षेत्र के लोगों में प्रशंसा हो रही है। प्रभारी निरीक्षक संजय वर्मा ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है। इससे बड़ा कोई दान नहीं है। अगर हमारे रक्त से किसी की जान बच सकती है तो इसके लिए पीछे नहीं हटना चाहिए। इस बात का अहसास हमें तब होता है, जब हमारा कोई अपना खून के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता है। मैं रक्तदान पर गौरवान्वित महसूस करता हूं। मेरा दिल इस बात से प्रसन्न होता है कि मेरा रक्त किसी के काम आ गया।
(फोटो भी)
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मालूम हो कि बीते चार दिसंबर को थाना क्षेत्र के चकिया में सड़क हादसे में रमाशंकर राम की पत्नी बेली देवी (75) गंभीर रूप से घायल हो गई थी। परिवार के लोग मऊ जिले के चिकित्सालय में उसका उपचार करा रहे हैं। चिकित्सक ने घायल वृद्धा के शरीर में आवश्यकता के अनुसार रक्त की कमी होने की बात परिजनों को बताई, लेकिन परिजनों ने रक्तदान करने से इंकार कर दिया। जब इसकी जानकारी सुहवल के प्रभारी निरीक्षक संजय वर्मा को हुई तो बिना देर किए संबंधित चिकित्सालय में आरक्षी संग रक्तदान करने के लिए रवाना हो गए। रविवार को थाना के प्रभारी निरीक्षक और आरक्षी गीतेश मिश्रा ने जरूरत के अनुसार एक-एक यूनिट खून देकर घायल वृद्ध महिला की जान बचाई। घायल के परिजनों ने पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। मालूम हो कि इसके पहले भी प्रभारी निरीक्षक एक दर्जन बार रक्तदान कर कई लोगों को काल के गाल में समाने से बचा चुके हैं। आरक्षी गीतेश मिश्रा भी पूर्व में तीन बार रक्तदान कर कर चुके हैं। प्रभारी निरीक्षक और आरक्षी के इस कार्य की क्षेत्र के लोगों में प्रशंसा हो रही है। प्रभारी निरीक्षक संजय वर्मा ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है। इससे बड़ा कोई दान नहीं है। अगर हमारे रक्त से किसी की जान बच सकती है तो इसके लिए पीछे नहीं हटना चाहिए। इस बात का अहसास हमें तब होता है, जब हमारा कोई अपना खून के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता है। मैं रक्तदान पर गौरवान्वित महसूस करता हूं। मेरा दिल इस बात से प्रसन्न होता है कि मेरा रक्त किसी के काम आ गया।
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(फोटो भी)