{"_id":"6a72425a74fd8d2b3b0a4e40","slug":"gangas-water-level-has-risen-but-water-has-not-yet-been-released-into-the-canals-and-distributaries-ghazipur-news-c-313-1-svns1019-157428-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: गंगा का जलस्तर बढ़ा पर नहरों और माइनरों में अब तक नहीं छोड़ा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: गंगा का जलस्तर बढ़ा पर नहरों और माइनरों में अब तक नहीं छोड़ा पानी
विज्ञापन
सुहवल। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद किसानों के सामने सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मानसून की बेरुखी के बीच नहरों और माइनरों में दो सप्ताह से पानी नहीं छोड़ा गया है।
क्षेत्र के किसान बाउल सिंह, राजू श्रीवास्तव, अनीश, हरिपाल राय, रामदुलार और झब्बू यादव आदि ने बताया कि खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान के लिए इस समय पर्याप्त पानी की आवश्यकता है।
हालांकि, सिंचाई विभाग की उदासीनता के चलते नहरें और माइनर सूखी पड़ी हैं। किसानों को मजबूरन निजी पंपसेटों से खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे डीजल और सिंचाई पर होने वाला खर्च कई गुना बढ़ गया है।
विज्ञापन
अगर समय रहते नहरों और माइनरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की रोपाई प्रभावित होगी और पहले से लगी फसलों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सिंचाई विभाग के एसडीओ सुबोध कुमार ने बताया कि किसानों की जरूरतों और धान की नर्सरी तैयार करने के मौजूदा समय को देखते हुए रजवाहा में पानी छोड़ दिया गया है। विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जल्द ही पानी पूरी क्षमता के साथ प्रवाहित किया जाएगा।
विज्ञापन
क्षेत्र के किसान बाउल सिंह, राजू श्रीवास्तव, अनीश, हरिपाल राय, रामदुलार और झब्बू यादव आदि ने बताया कि खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान के लिए इस समय पर्याप्त पानी की आवश्यकता है।
विज्ञापन
हालांकि, सिंचाई विभाग की उदासीनता के चलते नहरें और माइनर सूखी पड़ी हैं। किसानों को मजबूरन निजी पंपसेटों से खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे डीजल और सिंचाई पर होने वाला खर्च कई गुना बढ़ गया है।
विज्ञापन
अगर समय रहते नहरों और माइनरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की रोपाई प्रभावित होगी और पहले से लगी फसलों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सिंचाई विभाग के एसडीओ सुबोध कुमार ने बताया कि किसानों की जरूरतों और धान की नर्सरी तैयार करने के मौजूदा समय को देखते हुए रजवाहा में पानी छोड़ दिया गया है। विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जल्द ही पानी पूरी क्षमता के साथ प्रवाहित किया जाएगा।