फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Ganga river water level continues to rise, fear in coastal areas

गांगी नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी, तटवर्ती इलाके में भय

Wed, 15 Jul 2020 10:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2020 10:18 PM IST
विज्ञापन
Ganga river water level continues to rise, fear in coastal areas
भीमापार। गांगी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से तटवर्ती गांवों के रहवासियों की नींद उड़ी हुई है। पिछले साल गांगी नदी में हुए जलप्लावन से उपजे प्रलय ने जो कहर ढाया था। उसे याद करके आज भी लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। हालत यह है कि नदी के बढ़ते पानी ने तटवर्ती खेतों के कुछ हिस्सों में खड़ी फसलों को जलमग्न करना शुरू कर दिया है। हालांकि पिछले साल दर्जनों गांवों के बाढ़ पीड़ितों के प्रति प्रशासन की ओर से जो लापरवाही बरती गई थी। उससे वह अब भी असंतुष्ट दिखाई पड़ते हैं।
विज्ञापन

लोगों का कहना है कि दक्षिण पश्चिम एवं उत्तर पश्चिम से गंगा, गोमती, एकौझी और गांगी आदि नदियों से घिरे होने के कारण जनपद का यह पश्चिमी क्षेत्र प्रतिवर्ष ही बाढ़ की चपेट में आ जाता है। इससे औसतन क्षेत्र का 65 प्रतिशत भाग जल प्लावित हो जाता है। गंगा की प्रमुख सहायक नदियों में गांगी नदी का नाम भी शुमार है। यह जौनपुर से दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर से आजमगढ़ की सीमा से होकर जिले में प्रवेश करती है। गाजीपुर में इसका प्रवेश स्थल नायकडीह-सोनियापार गांव है। गांगी नदी सैदपर तहसील क्षेत्र के पूर्वी सीमा से बहते हुये करण्डा के मैनपुर गांव से मोक्षदायिनी गंगा में समाहित हो जाती हैं। इस बीच लगभग 35 किलोमीटर की दूरी तय करने में गांगी नदी का पानी छोटे-बड़े लगभग 50 गांवों से होकर गुजरता है। बरसात के दिनों में लगभग एक दर्जन कैनाल और पचासों नालियों का पानी भी गांगी नदी में प्रवेश कर उसे रीचार्ज कर देता है। उपर से बरसात का पानी पाकर गांगी जब उफान मारती हैं, तब लगभग दो हजार एकड़ की खेती तहस नहस कर देती हैं। जबकि नायकडीह, सोनियापार, कूढ़ालम्बी, भुजहुंवा, भूंवरपुर, कौणियां, सोनरान, ऊचौरी, रमदसपुर, हुसैनपुर, बरहपार, दलीप राय पट्टी, मई, भीमापार, परसनी, हीरानन्दपुर, बड़िहारी, खोजनपुर, सियांवा और शिशुआचक, देवकली, पहाड़पुर, शिवदासीचक, बासूचक और मैनपुर सहित दर्जनों गांवों के लोगों को गांगी के तटवर्ती होने के कारण गांगी के बाढ़ की विभीषका प्रतिवर्ष ही झेलनी पड़ जाती है।
विज्ञापन

बाढ़ रोकने के नहीं किए जाते कोई उपाय
भीमापार। गांगी नदी हर साल सैकड़ों ग्रामीणों को भयानक तकलीफ देती रही हैं। बाढ़ से दर्जनों मकान भी धाराशायी हो चुके हैं। कईं लोग जान से भी अपना हाथ धो बैठते हैं। बावजूद शासन प्रशासन की ओर से बाढ़ के पानी को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए जाते हैं। हर साल लोगों को खून के आंसू बहाने पड़ते हैं। भूंवरपुर के समाजसेवी और भूतपूर्व फौजी अशोक यादव बताते हैं कि राहत सामग्री और सहायता राशि तो छोड़िए, पीड़ितों के आंसू पोछने भी यहां कोई नहीं आता है। यहां तक कि जब बाढ़ के दिनों में तटवर्ती कईं गांव एक दूसरे से कट जाते हैं। बाढ़ के पानी से उनका निकलना मुश्किल हो जाता है। तब भी गांगी के बाढ़ से प्रभावित गांवों के पीड़ितों के लिये प्रशासन की ओर से एक अदद नाव तक की व्यवस्था नहीं की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

00000
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed