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डराने लगीं हैं गंगा, पहला निशाना सेवराई का हसनपुर

Sat, 20 Aug 2022 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 20 Aug 2022 11:36 PM IST
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Ganga is starting to scare, the first target is Severai's Hasanpur
जिले में गंगा अब रौद्ररूप धारण करती नजर आ रही हैं। दो दिनों के अंदर गंगा के अलावा सहायक नदियां भी उफान पर आ चुकी हैं। धीरे-धीरे पानी खेतों से होते हुए तटवर्ती इलाकों में पसरने लगा है। परवल, मिर्चा, टमाटर सहित सब्जी और अन्य फसलें पानी में डूब चुक ीं हैं। गंगा में बढ़ाव से मुहम्मदाबाद, जमानिया, सेवराई, सदर ब्लाक के तटवर्ती इलाके काफी प्रभावित होते हैं। सेवराई तहसील क्षेत्र के हसनपुर गांव के अंदर अब पानी पहुंच गया है। वहीं मां कामाख्या धाम बाईपास रोड पर भी पानी लग चुका है। शाम छह बजे तक गंगा का जलस्तर 62.390 मीटर पहुंच गया था, जबकि जिले में 63.105 मीटर खतरा बिंदु तय है। इधर बेसो का जलस्तर भी बढ़ने के साथ सिवान और खेतों में पानी भरने लगा है। गंगा में तीन सेमी. प्रति घंटे बढ़ने की रफ्तार से प्रशासनिक अमला भी अलर्ट हो चुका है।
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मौजूदा हालात की बात करें तो रेवतीपुर ब्लॉक के रेवतीपुर मां कामाख्या धाम बाईपास रोड पर गंगा क ा पानी लग गया है। कई इलाकों में घुसी गंगा लोगों की परेशानी बढ़ाने लगी है। अभी तो ये शुरूआती हालात हैं गंगा की यही रफ्तार रही तो हालात और भी बिगड़ने लगेंगे। इधर बाढ़ को लेकर अबतक शासन और प्रशासन की ओर से कोई खास तैयारी नहीं की गई है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र रेवतीपुर, बीरउपुर, अठाहठा, हसनपुरा, नगदिलपुर है। हालात बिगड़ने पर इसमें सबसे ज्यादा संकट पशुओं के चारे की होने लगी है। क्षेत्र के कई गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी में घिर गए हैँ। खेतों में पानी भरने लगा है। वहीं बाढ़ को देखते हुए रेवतीपुर, रामपुर बीरउपुर ,नसीरपुर, हसनपुरा, उतरौली, रामपुर, परमानंदपुर,आदि गांव के सिवान में सैकड़ों बीघा बाजरा, ज्वार, परवल आदि की फसल बर्बाद होने की कगार पर है। ऐसे में किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिख रही है। अगर इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो पूरे क्षेत्र में पानी फैल जाएगा। इस समय केले की खेती जोर शोर हो रही है। किसानों ने केले के नए पौधे भी लगाए हैं उनका भी नुकसान होगा। इस क्षेत्र के किसान खेती पर निर्भर है सबसे ज्यादा सब्जी की खेती भी इस क्षेत्र में होती है। ऐसे में बाढ़ के खतरे को देख किसान चिंतित हैं।
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औड़िहार में आदित्य घाट की सीढ़ियां जलमग्न
मौधा। गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सैदपुर नगर के पकवा घाट की आठ और संगत घाट की सिर्फ तीन सीढ़ियां गंगा में जलमग्न होने से बच गई हैं। जबकि औड़िहार के वराह धाम स्थित आदित्य घाट की सारी 56 सीढ़ियां गंगा के बढ़ते जलस्तर में समाहित हो चुकी हैं। गंगा ने धीरे धीरे तटवर्ती इलाके की फसलों को डुबोना शुरू कर दिया है। वहीं बाढ़ का पानी धीरे-धीरे गांवों की ओर बढ़ने के कारण तटवर्ती इलाकों के लोगों की नींद उड़ी हुई है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि बीते 24 घंटों में गंगा का जलस्तर लगभग दो मीटर से भी अधिक बढ़ा है।
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