फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Gandhiji came to the banks of Ganga-Gomti confluence in 1929.

1929 में गांधी आए थे औड़िहार के गंगा गोमती के संगम तट पर

Sat, 29 Jan 2022 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 11:18 PM IST
विज्ञापन
Gandhiji came to the banks of Ganga-Gomti confluence in 1929.
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी को है। ऐसे में जिले में उनकी स्मृतियां ताजा हो गई हैं। महात्मा गांधी अपने जन्मदिन पर दो अक्तूबर 1929 को विदेशी वस्तुओं की होली जलाने का आह्वान करने के लिए सैदपुर में आए थे। उनको देखने के लिए बूढ़े नाथ महादेव मंदिर परिसर में भीड़ जुटी थी।
विज्ञापन

महात्मा गांधी सैदपुर के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. आत्माराम पांडेय के आवास पर कुछ देर के लिए रुके थे। यहीं पर आत्माराम पांडे ने उनका कई लोगों से परिचय कराया था और यहीं पर चरखा संघ की स्थापना कर वे बूढ़े नाथ महादेव मंदिर तक अपने साथियों के साथ पैदल गए थे। गांधीजी की एक झलक पाने के लिए बूढ़े नाथ महादेव मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुटी थी। यहीं पर उन्होंने भारत को आजाद कराने का संकल्प दोहराया। गांधी जी के साथ उनकी पत्नी कस्तूरबा, बहन मीरा, आचार्य कृपलानी, महादेव देसाई, देवदास गांधी एवं वाराणसी के शिवप्रसाद गुप्त एक नाव पर सवार होकर गंगा के किनारे ऊंचे टीलों पर बनी कुटिया, मठ मंदिरों का अवलोकन किया था।
विज्ञापन

सैदपुर से वाराणसी की ओर गंगा गोमती की संगम स्थली औड़िहार (पटना) और उसके आगे कैथी तक गए थे। गांधी जी ने अपनी डायरी में इस यात्रा के दौरान जो जिक्र किया है उसमें बूढ़े नाथ महादेव मंदिर से आगे पश्चिम में गंगा के किनारे उदासीन आश्रम संगत मठ की कुटिया को भी देखा था। उस समय के चश्मदीद बलदेव यादव (अब नहीं हैं) बताते थे कि गांधी जी ने शिवप्रसाद गुप्त से कहा कि कुटिया तो मैंने बहुत सी देखी लेकिन सैदपुर के संगत मठ की कुटिया निराली है। यहां की सफाई और यहां के संतों का वातावरण अत्यंत ही मनमोहक है। इस कथन का जिक्र भी उन्होंने अपनी डायरी में किया था। इससे आगे उन्होंने वाराह रूप घाट रामानंद मठिया को भी बड़े गौर से देखा था। गंगा-गोमती की संगम स्थली कैथी में रुक कर उन्होंने दोनों नदियों के डाब की अद्भुत छटा का अवलोकन किया था। वहां एकत्र लोगों से आजादी के लिए आगे आने की प्रेरणादायक बातें कहकर सबका उत्साह बढ़ाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed