फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   friend illness is excuse of death

दोस्त की बीमारी बनी मौत का बहाना

Tue, 17 Feb 2015 11:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर Updated Tue, 17 Feb 2015 11:21 PM IST
विज्ञापन
friend illness is excuse of death

कहते हैं कि मौत को तो सिर्फ बहाना चाहिए। कुछ ऐसा ही हुआ शहर के हसन

विज्ञापन
इमाम,  शमशुद्दीन,  आसिफ और बोलेरो चालक अब्दुल्ला उर्फ सोनू के साथ। प्रापर्टी डीलर दोस्त चुन्नू की बीमारी इनके लिए मौत का बहाना बनकर आई। लखनऊ में भर्ती प्रापर्टी डीलर को देखने के लिए ये सभी जा रहे थे कि लेकिन बीच राह में ही ये चारों दुनिया से हमेशा-हमेशा के लिए विदा हो गए। फैजाबाद-बाराबंकी जिले की सीमा के भिटरिया के पास मंगलवार की भोर में ट्रक से बोलेरो की हुई जबरदस्त टक्कर में चारों की मौत हो गई।


शहर के निवासी तीरनगंज लंगाह निवासी हसन इमाम, सराय निवासी आसिफ और जूड़न शहीद निवासी शमशुद्दीन तथा टाउनहाल निवासी अनवारुल हक उर्फ चुन्नू के साथ प्रापर्टी डीलर का काम करते थे। कुछ दिन पूर्व चुन्नू की तबियत खराब हो गई थी और उसे  उपचार के लिए लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


साथी को देखने के लिए ये तीनों सोमवार की रात करीब साढ़े 11 बजे बोलेरो से लखनऊ के लिए रवाना हुए। बोलेरो अब्दुल्ला उर्फ सोनू चला रहा था। घरवाले ये सोचकर बेखबर होकर सो गए कि लखनऊ पहुंचने पर उनका फोन आएगा। मंगलवार की भोर में खबर तो आई लेकिन उनके सही सलामत पहुंचने की नहीं बल्कि हादसे में मौत की।


बाराबंकी के भिटरिया के पास बोलेरो की ट्रक से टक्कर में चारों लोगों की मौत की खबर से सभी के घर में कोहराम मच गया। भोर की शांतिपूर्ण फिजा परिवारीजनों की चीख-पुकार से गूंज उठी। आवाज सुनकर पास-पड़ोस के लोग घरों से निकल आए और परिवार के लोगों को ढांढस बंधाने में जुट गए। मृतकों के घरवाले आंखों में आंसू लिए घटनास्थल के लिए रवाना हुए। इस हादसे से मुहल्ले में भी मातमी माहौल दिखा।


‘इमाम ब्रदर्स’ के घर लोगों का तांता
शहर के तीरनगंज लंगाह मुहल्ला निवासी हसन इमाम अपने तीन भाइयों अली इमाम, शादिक इमाम और बाकर इमाम में दूसरे नंबर पर थे। इनके परिवार की शहर के सुजावलपुर में ‘इमाम ब्रदर्स’ के नाम पर मशहूर कपड़े की दूकान है। हसन इमाम की मौत की जानकारी होते ही इनके आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। उधर लखनऊ में मौजूद धर्मार्थ कार्यमंत्री विजय मिश्र को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वह वह घटनास्थल पर बाराबंकी पहुंचकर मदद में जुट गए।

नहीं थम रहे थे सोनू की मां के आंसू
 शहर के जूड़नशहीद मुहल्ला निवासी सोनू गाड़ी चलाता था। उसका बड़ा भाई भी ड्राइवरी करता है। पिता का पहले ही इंतकाल हो चुका है। दोनों भाई की कमाई से ही मां और तीन दो बहनों का पालन पोषण होता है।  जैसे ही सोनू की मौत की खबर आई, बूढ़ी मां छाती पीटकर चीखने-चिल्लाने लगी। सांत्वना दे रही सोनू की बहनें भी मां से लिपटकर रोने लग रही थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed