{"_id":"6261949adfeeea5f7d1b3ab8","slug":"four-years-imprisonment-for-two-people-for-attempt-to-murder-ghazipur-news-vns6495336183","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के प्रयास में दो लोगों को चार वर्ष कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या के प्रयास में दो लोगों को चार वर्ष कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय दुर्गेश की अदालत ने बृहस्पतिवार को हत्या के प्रयास के मामले में दो लोगों को चार-चार साल की कड़ी कैद की सजा सुनाते हुए प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि में से 80 फीसद घायल को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार बहरियाबाद थाना क्षेत्र के मिर्जापुर के विजय बहादुर सिंह ने इस आशय की तहरीर दी कि 11 अगस्त 2018 को दिन में दो बजे उसका पुत्र अगस्त सिंह अपनी जमीन पर पौधा लगा रहा था। इसी दौरान पड़ोस के देवेंद्र सिंह, टिकू सिंह आकर उनके पुत्र को मारने-पीटने लगे। मना करने पर असलहे से फायर कर दिए, जिससे वह घायल हो गया। आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना उपरांत इनके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अखिलेश कुमार सिंह ने कुल दस गवाहों को पेश किया। सभी ने अपना-अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त फैसला सुनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार बहरियाबाद थाना क्षेत्र के मिर्जापुर के विजय बहादुर सिंह ने इस आशय की तहरीर दी कि 11 अगस्त 2018 को दिन में दो बजे उसका पुत्र अगस्त सिंह अपनी जमीन पर पौधा लगा रहा था। इसी दौरान पड़ोस के देवेंद्र सिंह, टिकू सिंह आकर उनके पुत्र को मारने-पीटने लगे। मना करने पर असलहे से फायर कर दिए, जिससे वह घायल हो गया। आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना उपरांत इनके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
विज्ञापन
अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अखिलेश कुमार सिंह ने कुल दस गवाहों को पेश किया। सभी ने अपना-अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त फैसला सुनाया।
विज्ञापन