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तिरछा मिला पुल, सचिव नाराज
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Fri, 27 Mar 2015 11:09 PM IST
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हंसराजपुर से नदंगंज के बीच बेसो नदी पर सेतु निगम की ओर से बनाया जा रहा पुल तिरछा पाए जाने पर प्रदेश के वन विभाग के सचिव सुनील कुमार पांडेय ने शुक्रवार को नाराजगी जताई। सेतु निगम के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुल के पायों को ठीक कराया जाए। इसमें विलंब होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने बेसो नदी पर निर्माणाधीन पुल का गुणवत्ता की जांच कराने का निर्देश देने के बाद मनिहारी ब्लाक के लोहिया गांव मलिकपुर के पास ग्राम भावो में कराए गए कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने गांव में प्राथमिक विद्यालय एक संपर्क मार्ग निर्माण की मांग की। उन्होंने विद्यालय एवं संपर्क मार्ग के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसके बाद एसके पांडेय ने सैदपुर में आरटीआई के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया।
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निर्माणाधीन भवन में लगाई गईं कुछ ईंटें निम्न क्वालिटी की मिलीं। इसका भविष्य में ध्यान रखने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर गुणवत्ता ठीक नहीं की गई तो संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनके भ्रमण के दौरान अपर जिलाधिकारी मुरलीधर मिश्र, डीसी मनरेगा अनय मिश्र आदि अधिकारी मौजूद थे। कासिमाबाद संवाददाता के अनुसार गुरुवार की देर शाम सुनील पांडेय ने कासिमाबाद-सिधागरघाट मार्ग का निरीक्षण किया।
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इस दौरान अधिशासी अभियंता की तरफ से लागत और स्टीमेट की सही जानकारी न दिए जाने से नाराज वन विभाग के सचिव ने तत्काल लागत एवं स्टीमेट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जब उनका काफिला मुहम्मदपुर कुसुम गांव के सामने रुका और यही खुदाई कराने की बात की तो संबंधित अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे। इसी बीच ग्रामीणों ने अवगत कराया कि सड़क बनाने में गिट्टियां लागत एवं स्टीमेट से कम डाली गई है।
इस शिकायत पर पिच की खुदाई कराई तो मोटाई सही पाई गई, लेकिन पटरी पर केवल मिट्टी मिली। इस बीच जब सचिव ने पूछा की स्टीमेट कहा है तो सभी अधिकारी बगले झांकने लगे। कुछ देर बाद अधिशासी अभियंता डीएन यादव ने कुछ कागजात दिखाए, लेकिन इससे संतुष्ट न होते हुए श्री पांडेय ने पूरा प्रपत्र देने को कहा। निरीक्षण में जिले के पीडब्लूडी के अधिकारियों से ज्यादा प्रशासनिक अधिकारी परेशान रहे। सचिव के हर सवाल का जवाब प्रशासनिक अधिकारी ही देते रहे। ग्रामीणों ने इस सड़क के साथ कासिमाबाद-कठवामोड़ मार्ग की शिकायत करते हुए जांच कराने की मांग की।