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विधानसभा चुनाव, लगन और वेलेंटाइन से महक उठा फूलों का कारोबार
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शहर के फुल्लनपुर स्थित सजी फूल की दुकान । संवाद
- फोटो : GHAZIPUR
गाजीपुर। वसंत में फूलों की क्यारियों में बहार आ ही जाती है लेकिन इस बार बात कुछ और है। वैवाहिक समारोह, वेलेंटाइन वीक और विधानसभा चुनाव ने फलों के कारोबार को नई महक से सराबोर कर दिया है। कारोबार से जुड़े लोगों की जिंदगी महमहाने लगी है। नेताओं के स्वागत के लिए फूल और मालाओं के आर्डर मिल रहे हैं। वेलेंटाइन के दीवाने भी फूल खरीद रहे हैं। इससे फूलों के कारोबार में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है।
फुल्लनपुर के फूल व्यवसायियों का कहना है कि फूलों की मांग काफी बढ़ गई है। पहले जहां 50 किलो प्रतिदिन खपत होती थी। अब 80 किलों तक पहुंच गई है। असली कमाई का समय यही है ऐसे में फूलों के दाम भी डेढ़ से दोगुने तक कर दिया गया है।
कोरोना के चलते लगातार रहने वाली पाबंदियों के चलते फूल कारोबार बेहद प्रभावित हुई थी। कारोबार एकदम बैठ सा गया था। शादी, ब्याह, राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां भी बेहद कम हो गई थीं। जिससे फूल खेतों में खराब हो रहे थे। जिससे पिछले दो सालों में काफी घाटा हुआ है।
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कारोबारियों ने बताया कि प्रतिकिलो गेंदा 40 की जगह 80 रुपये, गुलाब प्रति पीस 5 रुपये से बढ़कर 15 रुपये, फुंद प्रतिकिलो 120 से बढ़कर 150 रुपये, बेला प्रतिकिलो 200 से बढ़कर 250 रुपये, जूही प्रतिकिलो 180 से बढ़कर 220 रुपये बिक रहा है।
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फुल्लनपुर के फूल व्यवसायियों का कहना है कि फूलों की मांग काफी बढ़ गई है। पहले जहां 50 किलो प्रतिदिन खपत होती थी। अब 80 किलों तक पहुंच गई है। असली कमाई का समय यही है ऐसे में फूलों के दाम भी डेढ़ से दोगुने तक कर दिया गया है।
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कोरोना के चलते लगातार रहने वाली पाबंदियों के चलते फूल कारोबार बेहद प्रभावित हुई थी। कारोबार एकदम बैठ सा गया था। शादी, ब्याह, राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां भी बेहद कम हो गई थीं। जिससे फूल खेतों में खराब हो रहे थे। जिससे पिछले दो सालों में काफी घाटा हुआ है।
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कारोबारियों ने बताया कि प्रतिकिलो गेंदा 40 की जगह 80 रुपये, गुलाब प्रति पीस 5 रुपये से बढ़कर 15 रुपये, फुंद प्रतिकिलो 120 से बढ़कर 150 रुपये, बेला प्रतिकिलो 200 से बढ़कर 250 रुपये, जूही प्रतिकिलो 180 से बढ़कर 220 रुपये बिक रहा है।