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सीवर का पानी पहले करें पार तब पहुंचे देवी शीतला दरबार
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नवरात्र में एक तरफ जहां देवी मंदिरों को सजाया संवारा जा रहा है वहीं कई मंदिरों तक गंदे पानी में से होकर गुजरना पड़ रहा है। ऐसा ही हाल शहर के चंदन नगर के पास शीतला मां के मंदिर का है। यहां मंदिर के ठीक सामने गेट पर मुहल्ले का गंदा पानी बह रहा है।
इस मंदिर में रौजा, चंदन नगर, खोवा मंडी, चंद्रशेखर नगर, न्यू इंदिरा नगर कॉलोनी, फुल्लनपुर, रजदेपुर समेत अन्य जगहों से सैकड़ों लोग पूजा-अर्चन करने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन शायद ही कोई भी श्रद्धालु गंदे पानी में घुसे बगैर मंदिर में प्रवेश कर पाता हो। क्योंकि जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने और सड़क बदहाल होने से मंदिर में भी गंदा पानी घुस गया है।
आलम यह है कि मंदिर जाने वाली सड़क के साथ मुहल्ले का गंदा पानी गेट और देवी मंदिर परिसर में भर गया है। इससे देवी की पूजा करने जाने वाले लोगों को पानी में घुसकर ही प्रवेश करना पड़ता है। साथ ही मंदिर में बिकने वाला फूल, पूजा सामग्री की चौकी के नीचे भी गंदा पानी भरा रहता है।जिससे कीट-पतंग पैदा होकर मंदिर में घुस रहे हैं। साथ ही सड़क के आस-पास घरों और मंदिर पसिर में संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा कर रहे हैं।
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मंदिर के सेवक कन्हैया लाल सैनी का कहना है कि पिछले चार सालों से मंदिर में मुहल्ले का गंदा पानी गेट और परिसर में भर रहा है। इसको लेकर अधिकारियों और ज नप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई गई। लेकिन आज तक कोई सुध लेने वाला नहीं है। जबकि नवरात्र और आम दिनों में भी रौजा इलाके के कई कॉलोनियों के लोग रोजाना दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। नवरात्र में यहां भीड़ बढ़ जाती है और हरेक व्यक्ति प्रशासन और व्यवस्था को मंदिर में घुस रहे गंदा पानी के लिए कोसता है।
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इस मंदिर में रौजा, चंदन नगर, खोवा मंडी, चंद्रशेखर नगर, न्यू इंदिरा नगर कॉलोनी, फुल्लनपुर, रजदेपुर समेत अन्य जगहों से सैकड़ों लोग पूजा-अर्चन करने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन शायद ही कोई भी श्रद्धालु गंदे पानी में घुसे बगैर मंदिर में प्रवेश कर पाता हो। क्योंकि जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने और सड़क बदहाल होने से मंदिर में भी गंदा पानी घुस गया है।
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आलम यह है कि मंदिर जाने वाली सड़क के साथ मुहल्ले का गंदा पानी गेट और देवी मंदिर परिसर में भर गया है। इससे देवी की पूजा करने जाने वाले लोगों को पानी में घुसकर ही प्रवेश करना पड़ता है। साथ ही मंदिर में बिकने वाला फूल, पूजा सामग्री की चौकी के नीचे भी गंदा पानी भरा रहता है।जिससे कीट-पतंग पैदा होकर मंदिर में घुस रहे हैं। साथ ही सड़क के आस-पास घरों और मंदिर पसिर में संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा कर रहे हैं।
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मंदिर के सेवक कन्हैया लाल सैनी का कहना है कि पिछले चार सालों से मंदिर में मुहल्ले का गंदा पानी गेट और परिसर में भर रहा है। इसको लेकर अधिकारियों और ज नप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई गई। लेकिन आज तक कोई सुध लेने वाला नहीं है। जबकि नवरात्र और आम दिनों में भी रौजा इलाके के कई कॉलोनियों के लोग रोजाना दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। नवरात्र में यहां भीड़ बढ़ जाती है और हरेक व्यक्ति प्रशासन और व्यवस्था को मंदिर में घुस रहे गंदा पानी के लिए कोसता है।