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पहले आगरा फिर गोरखपुर विवि से संबद्घ हुआ पीजी कॉलेज
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गोरक्षपीठ से पीजी कॉलेज और राजेश्वर सिंह की नजदीकियां शुरू से रही हैं। जिसे उन्होंने अंत तक निभाया। 1957 में स्थापित होने के समय पीजी कॉलेज आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध था। लेकिन कुछ माह बाद उसी साल गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना होने पर यह महाविद्यालय उसी से जुड़ गया।
जानकारों की मानें तो महाविद्यालय के गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध होने को लेकर राजेश्वर प्रसाद सिंह को गोरक्षपीठ से भी मदद मिली थी। राजेश्वर प्रसाद सिंह का गोरक्षनाथ पीठ से जुड़ाव के चलते ही योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनने के पहले कार्यकाल में वयोवृद्ध राजेश्वर प्रसाद सिंह का कुशलक्षेम जानने के लिए 22 दिसबंर 2018 को उनके आवास पर आए थे। इसके कुछ महीने बाद 2 अप्रैल 2019 को राजेश्वर प्रसाद सिंह का निधन हो गया।
राजेश्वर सिंह शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखने दौरान बीएचयू से काफी प्रभावित रहे। बीएचयू के मॉडल पर ही स्कूल, कॉलेजों की स्थापना की।
उन्होंने आजीवन संस्थाओं की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया। शिक्षा के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी अनेक संस्थाओं की स्थापना की। नतीजतन, उनके द्वारा जनपद में स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आदर्श इंटर कॉलेज, राजर्षि शिशु मंदिर, विकास निगम गाजीपुर, गाजीपुर गृह निर्माण समिति, गाजीपुर विवेकानंद पुस्तकालय, राही मासूम रजा संस्थान, होम्योपैथिक कॉलेज गाजीपुर और रविंद्रपुरी स्थित नेहरू स्टेडियम की स्थापना की गई थी।
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ऐसे ही साल, 2001 में राजेश्वर बाबू के ही पहल पर गाजीपुर में कृषि विज्ञान केंद्र की भी स्थापना हुई थी जो कि एक बड़ी उपलब्धि थी। उनकी ओर से स्थापित विकास निगम गाजीपुर जैसी संस्था ने 1966-67 में आए अकाल के दौरान विभिन्न सरकारी, गैर सरकारी, राष्ट्रीय ,विदेशी संस्थानों की मदद से समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया था।
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जानकारों की मानें तो महाविद्यालय के गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध होने को लेकर राजेश्वर प्रसाद सिंह को गोरक्षपीठ से भी मदद मिली थी। राजेश्वर प्रसाद सिंह का गोरक्षनाथ पीठ से जुड़ाव के चलते ही योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनने के पहले कार्यकाल में वयोवृद्ध राजेश्वर प्रसाद सिंह का कुशलक्षेम जानने के लिए 22 दिसबंर 2018 को उनके आवास पर आए थे। इसके कुछ महीने बाद 2 अप्रैल 2019 को राजेश्वर प्रसाद सिंह का निधन हो गया।
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राजेश्वर सिंह शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखने दौरान बीएचयू से काफी प्रभावित रहे। बीएचयू के मॉडल पर ही स्कूल, कॉलेजों की स्थापना की।
उन्होंने आजीवन संस्थाओं की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया। शिक्षा के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी अनेक संस्थाओं की स्थापना की। नतीजतन, उनके द्वारा जनपद में स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आदर्श इंटर कॉलेज, राजर्षि शिशु मंदिर, विकास निगम गाजीपुर, गाजीपुर गृह निर्माण समिति, गाजीपुर विवेकानंद पुस्तकालय, राही मासूम रजा संस्थान, होम्योपैथिक कॉलेज गाजीपुर और रविंद्रपुरी स्थित नेहरू स्टेडियम की स्थापना की गई थी।
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ऐसे ही साल, 2001 में राजेश्वर बाबू के ही पहल पर गाजीपुर में कृषि विज्ञान केंद्र की भी स्थापना हुई थी जो कि एक बड़ी उपलब्धि थी। उनकी ओर से स्थापित विकास निगम गाजीपुर जैसी संस्था ने 1966-67 में आए अकाल के दौरान विभिन्न सरकारी, गैर सरकारी, राष्ट्रीय ,विदेशी संस्थानों की मदद से समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया था।