{"_id":"619be0f6099a984a2d7331af","slug":"fertilizer-has-been-absent-from-the-means-cooperative-societies-for-ten-months-ghazipur-news-vns6240050148","type":"story","status":"publish","title_hn":"साधन सहकारी समितियों पर दस माह से उर्वरक नदारद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साधन सहकारी समितियों पर दस माह से उर्वरक नदारद
विज्ञापन
रबी के सीजन में खाद की कमी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ब्लाक के तुलापट्टी, दीनापुर, सीतापट्टी सहित अन्य साधन सहकारी समितियों पर दस माह से खाद नहीं है। इससे गेहूं की बुआई को देखते हुए किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है।
साधन सहकारी समिति सबुआ से सात गांव सबुआ, विश्रामपुर, बरियां, चकिया, तिवारीपुर, ब्राह्मणपुरा, आनापुर और सरयां, दीनापुर साधना सहकारी समिति से दीनापुर, जमुआंव, नौदर तुलसीपुर आदि गांवों के किसान उर्वरक ले जाते हैं, लेकिन किसानों को पिछले दस माह में समिति से एक बार भी खाद नहीं मिली। इससे किसानों में रोष है। किसानों का कहना है कि जब सचिव से खाद के बारे में पूछताछ की जाती है तो उनका कहना होता है कि भवन जर्जर होने से यहां खाद रखने लायक नहीं है। बारिश का पानी गोदाम में चला जाएगा जिससे खाद नहीं मंगाई जा रही है। वर्तमान में रबी की फसल की बुआई के लिए किसानों को उर्वरक की जरूरत है।
दुबिहा क्षेत्र के नेवादा, असावर सहित सभी साधन सहकारी समितियों से खाद नहीं मिलने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों को आलू, मटर और गेहूं की बुआई करनी है। डीएपी न मिलने से उनकी बुआई प्रभावित हो रही है। वह एक केंद्र से दूसरे केंद्र को भटक रहे हैं। समितियों में ताला बंद देखकर किसान मायूस हो रहे हैं। बाराचंवर विकास खंड के नेवादा, असावर, उतरांव, ऊंचाडीह सहकारी समितियों में डीएपी नहीं है। इससे किसानों की आलू, गेहूं और मटर की खेती प्रभावित हो रही है। किसान मुन्ना पांडेय, लालजी, केदारनाथ, उमाशंकर राय आदि ने बताया कि इन दिनों आलू, गेहूं और मटर की बोआई करने के लिए किसानों ने खेतों की जुताई शुरू हो गई है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
साधन सहकारी समिति सबुआ से सात गांव सबुआ, विश्रामपुर, बरियां, चकिया, तिवारीपुर, ब्राह्मणपुरा, आनापुर और सरयां, दीनापुर साधना सहकारी समिति से दीनापुर, जमुआंव, नौदर तुलसीपुर आदि गांवों के किसान उर्वरक ले जाते हैं, लेकिन किसानों को पिछले दस माह में समिति से एक बार भी खाद नहीं मिली। इससे किसानों में रोष है। किसानों का कहना है कि जब सचिव से खाद के बारे में पूछताछ की जाती है तो उनका कहना होता है कि भवन जर्जर होने से यहां खाद रखने लायक नहीं है। बारिश का पानी गोदाम में चला जाएगा जिससे खाद नहीं मंगाई जा रही है। वर्तमान में रबी की फसल की बुआई के लिए किसानों को उर्वरक की जरूरत है।
विज्ञापन
दुबिहा क्षेत्र के नेवादा, असावर सहित सभी साधन सहकारी समितियों से खाद नहीं मिलने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों को आलू, मटर और गेहूं की बुआई करनी है। डीएपी न मिलने से उनकी बुआई प्रभावित हो रही है। वह एक केंद्र से दूसरे केंद्र को भटक रहे हैं। समितियों में ताला बंद देखकर किसान मायूस हो रहे हैं। बाराचंवर विकास खंड के नेवादा, असावर, उतरांव, ऊंचाडीह सहकारी समितियों में डीएपी नहीं है। इससे किसानों की आलू, गेहूं और मटर की खेती प्रभावित हो रही है। किसान मुन्ना पांडेय, लालजी, केदारनाथ, उमाशंकर राय आदि ने बताया कि इन दिनों आलू, गेहूं और मटर की बोआई करने के लिए किसानों ने खेतों की जुताई शुरू हो गई है। संवाद
विज्ञापन