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बेचना ही नहीं चाहते सरकार को गेहूं

Wed, 11 May 2016 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर Updated Wed, 11 May 2016 12:27 AM IST
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farmers not want to sell wheat to govt
गेहूं को लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा बाजार में - फोटो : अमर उजाला
जिलेे में गेहूं खरीद की हालत पतली चल रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा  सकता है कि सवा महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अब तक  महज 1399.19 मीट्रिक गेहूं की खरीद की गई है, जो लक्ष्य के लगभग पांच फीसदी तक है। हैरानी की बात तो यह है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी 7 क्रयकेन्द्र छटांक भर भी गेहूं नहीं खरीद सके हैं। ऐसे में निर्धारित  अवधि में लक्ष्य प्राप्त कर पाना मुमकिन नहीं दिखाई दे रहा है। दरअसल क्रय केंद्रों पर मीनमेख निकालने और गांवों में ही गेहूं की अच्छी कीमत मिलने की वजह से किसान सरकार को गेहूं बेचना ही नहीं चाहते।
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शासन की ओर से जिले को 25 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य सौंपा गया। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 51 क्रय केंद्रों को गेहूं खरीदने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसमें विपणन के 16, पीसीएफ के 21, एनसीसीएफ के 4, कर्मचारी कल्याण निगम एवं सहकारी समिति के तीन-तीन तथा एफसीआई और यूपीएसएस के दो -दो क्रय केंद्र खोले गए। क्रय केेंद्र खोलकर उन्हें खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया। गेहूं की खरीद कागजों पर भले ही पहली अप्रैल से शुरू हो गई हो लेकिन जिले में इसकी आवक अप्रैल माह के दूसरे पखवारे से शुरू हुई। गेहूं की खरीद में आज तक तेजी नहीं आ पाई है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है सवा महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक 1399.198 एमटी की खरीद की जा सकी है। यह लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम है। गेहूं की यह खरीद 278 किसानों से की गई है। मिली जानकारी के अनुसार विपणन के 16 क्रय केंद्रों ने 11 हजार एमटी के सापेक्ष 168 किसानों से 958.950, पीसीएफ के 21 केंद्रों ने लक्ष्य दस हजार की तुलना में 69 किसानों 236.598 एमटी की खरीद की है। इसके अलावा एनसीसीएफ के चार केंद्रों ने दो हजार लक्ष्य के सापेक्ष 25 किसानों से 125 एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम के तीन केंद्रों ने 2 हजार लक्ष्य की तुलना में पांच किसानों से 4.4 एमटी, एफसीआई के दो केंद्रों ने 11 किसानों से 74.25 एमटी की खरीद की है। खरीद की इस दयनीय स्थिति से निर्धारित अवधि 15 जून तक लक्ष्य पूरा कर पाना मुमकिन नहीं दिखाई दे रहा है।   
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