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पीपा पुल बनाने में भले की कोताही पर समय से खोलने की है पूरी तैयारी
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बच्छलकापुरा-रामपुर पीपापुल पर मंगलवार से भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। पंद्रह जून से उसे खोलने का कार्य शुरु कर दिया जाएगा। बच्छलकापुरा-रामपुर पीपापुल के निर्माण में मानकों की अनदेखी और कुछ प्राकृतिक कारणों के चलते इस वर्ष पीपापुल पर आवागमन काफी कम हो पाया।
शासन के आदेशानुसार 15 अक्तूबर से पीपापुल पर आवागमन शुरू हो जाना चाहिए और 15 जून से इस पर आवागमन बंद कर इसे खोलने का काम शुरू हो जाना चाहिए लेकिन इस वर्ष 15 अक्तूबर के बजाए मार्च के प्रथम सप्ताह में पुल को चालू किया गया। वह भी मानकों के अनुरूप निर्माण न होने एवं लोहे की प्लेटें बेतरतीब बिछी होने के कारण इस पर चार पहिया वाहनों से आना-जाना काफी दुरुह होने के कारण लोग इस पुल से जाने के बजाए जिला मुख्यालय होकर हमीद सेतु से ही आ-जा रहे थे। इस पुल से सिर्फ पैदल और दो पहिया वाहन से ही लोग आते-जाते रहे। पुल भले ही काफी विलंब से शुरू हुआ लेकिन विभागीय अधिकारी ने निर्धारित समय से इसे बंद करने का फरमान जारी कर दिया। बच्छलपुर-रामपुर गंगा तट के पास करीब दो दशक पूर्व पीपापुल स्थापित कराया गया था। पुल का निर्माण इतना खराब था कि किसी दो पहिया के लड़खड़ाने पर उस पर सवार व्यक्ति के सीधे गंगा की धारा में गिरने का खतरा बना हुआ था। लोहे की प्लेटें इतनी बेतरतीब थी कि चार पहिया वाहनों का आना-जाना नाममात्र का ही रहा। लोक निर्माण विभाग खंड तीन के अधिशासी अभियंता के पत्र के आधार पर इस पर आवागमन बंद कर दिया गया। अभियंता महेंद्र मौर्य के अनुसार 14 जून सुबह सात बजे से पीपापुल भारी वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया और उसे खोलने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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शासन के आदेशानुसार 15 अक्तूबर से पीपापुल पर आवागमन शुरू हो जाना चाहिए और 15 जून से इस पर आवागमन बंद कर इसे खोलने का काम शुरू हो जाना चाहिए लेकिन इस वर्ष 15 अक्तूबर के बजाए मार्च के प्रथम सप्ताह में पुल को चालू किया गया। वह भी मानकों के अनुरूप निर्माण न होने एवं लोहे की प्लेटें बेतरतीब बिछी होने के कारण इस पर चार पहिया वाहनों से आना-जाना काफी दुरुह होने के कारण लोग इस पुल से जाने के बजाए जिला मुख्यालय होकर हमीद सेतु से ही आ-जा रहे थे। इस पुल से सिर्फ पैदल और दो पहिया वाहन से ही लोग आते-जाते रहे। पुल भले ही काफी विलंब से शुरू हुआ लेकिन विभागीय अधिकारी ने निर्धारित समय से इसे बंद करने का फरमान जारी कर दिया। बच्छलपुर-रामपुर गंगा तट के पास करीब दो दशक पूर्व पीपापुल स्थापित कराया गया था। पुल का निर्माण इतना खराब था कि किसी दो पहिया के लड़खड़ाने पर उस पर सवार व्यक्ति के सीधे गंगा की धारा में गिरने का खतरा बना हुआ था। लोहे की प्लेटें इतनी बेतरतीब थी कि चार पहिया वाहनों का आना-जाना नाममात्र का ही रहा। लोक निर्माण विभाग खंड तीन के अधिशासी अभियंता के पत्र के आधार पर इस पर आवागमन बंद कर दिया गया। अभियंता महेंद्र मौर्य के अनुसार 14 जून सुबह सात बजे से पीपापुल भारी वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया और उसे खोलने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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