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Ghazipur News: छह साल बाद भी मुख्य लाइन से नहीं जुड़ सका मौधा उपकेंद्र
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मौध पॉवर हाउस की मौजूदा स्थिति। संवाद
खानपुर। क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए स्थापित मौधा 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र छह वर्ष बाद भी अपनी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रहा है। 2020 में उपकेंद्र का निर्माण और उद्घाटन होने के बावजूद अब तक इसे जोहरगंज पावर हाउस की मुख्य आपूर्ति लाइन से नहीं जोड़ा जा सका है। इसका खामियाजा क्षेत्र के करीब 22 गांवों के उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार मुख्य सप्लाई से कनेक्शन न होने के कारण मौधा और सौना विद्युत उपकेंद्रों पर अतिरिक्त भार बना रहता है। इसके चलते लो वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और अनियमित बिजली आपूर्ति की समस्या है। गर्मी और सिंचाई के मौसम में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है।
किसानों का कहना है कि धान की रोपाई और सिंचाई के दौरान पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से खेती-किसानी प्रभावित होती है। उनका मानना है कि मौधा उपकेंद्र को जोहरगंज की मुख्य लाइन से जोड़ दिए जाने पर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर होगी और किसानों के साथ आम उपभोक्ताओं को भी बेहतर वोल्टेज का लाभ मिलेगा। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि वर्षों से यह परियोजना अधूरी पड़ी है, लेकिन इसे पूरा कराने के लिए अब तक कोई प्रभावी पहल नहीं की गई। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से जल्द कार्य पूरा कर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार लाने की मांग की है।
सैदपुर विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता सुधाकर कुमार ने बताया कि परियोजना के लिए टेंडर स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कार्य शुरू होने के बाद इसे लगभग एक महीने में पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
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किसानों का कहना है कि धान की रोपाई और सिंचाई के दौरान पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से खेती-किसानी प्रभावित होती है। उनका मानना है कि मौधा उपकेंद्र को जोहरगंज की मुख्य लाइन से जोड़ दिए जाने पर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर होगी और किसानों के साथ आम उपभोक्ताओं को भी बेहतर वोल्टेज का लाभ मिलेगा। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि वर्षों से यह परियोजना अधूरी पड़ी है, लेकिन इसे पूरा कराने के लिए अब तक कोई प्रभावी पहल नहीं की गई। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से जल्द कार्य पूरा कर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार लाने की मांग की है।
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सैदपुर विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता सुधाकर कुमार ने बताया कि परियोजना के लिए टेंडर स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कार्य शुरू होने के बाद इसे लगभग एक महीने में पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
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