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ईओ बिटिया की आत्महत्या से मचा मातम
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भांवरकोल। थाना क्षेत्र के कनुआन गांव निवासी और बलिया जनपद के मनियर नगर पंचायत में अधिशासी अधिकारी (ईओ) पद पर तैनात मणिमंजरी राय के आत्महत्या करने की जानकारी मिलते ही परिजनों में रूदन-क्रंदन शुरू हो गया। उनके रोने- बिलखने की आवाज से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन सोमवार की रात बलिया के लिए रवाना हो गए। घर के दरवाजे पर बैठे बाबा केदारनाथ राय के आंखों से गिर रहा आंसू लोगों को विचलित कर दे रहा था। उनका कहना था कि मेरी मणि बचपन से ही पढ़ने में अव्वल थी और बच्चों को इसके लिए जागरूक करती रहती थी।
कोटवा नारायणपुर के ग्रामीण बैंक से दो वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त जयठाकुर राय के दो पुत्र व एक पुत्री है। इनका एक पुत्र अनिमेश राय पुणे में इंजीनियर के पद पर तैनात है, जबकि दूसरा पुत्र विजयानंद राय सिलीगुड़ी में कार्य करते हैं। जबकि पुत्री मणिमंजरी शुरू से पढ़ने में काफी होनहार थी। करीब ढ़ाई साल पहले पीसीएस की परीक्षा पास कर उसने परिजनों के साथ गांव का भी सम्मान बढ़ाया था। ट्रेनिंग के बाद वर्ष 2018 में मनियर नगर पंचायत में ईओ के पर पर तैनात हुई थी। इधर पुत्री की आत्महत्या करने की जानकारी मिलते ही पिता जयठाकुर व माता गीता राय के रोने-बिलखने लगे। वहीं जब दोनों बड़े भाइयों को घटना की जानकारी हुई तो उनके समझ में ही नहीं आ रहा था कि आखिरकार इतनी होनहार व एक अच्छे पद पर तैनात होने के बाद भी बहन ने ऐसा कदम क्यों उठाया। इधर गांव भी अपनी होनहार बिटिया को खोकर शोक में डूबा हुआ था। ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर काफी चर्चा थी कि आखिरकार मणिमंजरी ने ऐसा कदम क्यों उठाया। ग्रामीण परिजनों को सात्वंना देने में लगे हुए थे। घर वालों का कहना है कि मणिमंजरी इन दिनों पैसा भुगतान और काम के काफी दबाव में थी। इसी कारण उसने ऐसा कदम उठाया है।
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कोटवा नारायणपुर के ग्रामीण बैंक से दो वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त जयठाकुर राय के दो पुत्र व एक पुत्री है। इनका एक पुत्र अनिमेश राय पुणे में इंजीनियर के पद पर तैनात है, जबकि दूसरा पुत्र विजयानंद राय सिलीगुड़ी में कार्य करते हैं। जबकि पुत्री मणिमंजरी शुरू से पढ़ने में काफी होनहार थी। करीब ढ़ाई साल पहले पीसीएस की परीक्षा पास कर उसने परिजनों के साथ गांव का भी सम्मान बढ़ाया था। ट्रेनिंग के बाद वर्ष 2018 में मनियर नगर पंचायत में ईओ के पर पर तैनात हुई थी। इधर पुत्री की आत्महत्या करने की जानकारी मिलते ही पिता जयठाकुर व माता गीता राय के रोने-बिलखने लगे। वहीं जब दोनों बड़े भाइयों को घटना की जानकारी हुई तो उनके समझ में ही नहीं आ रहा था कि आखिरकार इतनी होनहार व एक अच्छे पद पर तैनात होने के बाद भी बहन ने ऐसा कदम क्यों उठाया। इधर गांव भी अपनी होनहार बिटिया को खोकर शोक में डूबा हुआ था। ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर काफी चर्चा थी कि आखिरकार मणिमंजरी ने ऐसा कदम क्यों उठाया। ग्रामीण परिजनों को सात्वंना देने में लगे हुए थे। घर वालों का कहना है कि मणिमंजरी इन दिनों पैसा भुगतान और काम के काफी दबाव में थी। इसी कारण उसने ऐसा कदम उठाया है।
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