फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Electricians took out a torchlight procession, refrained from day-long work

Ghazipur News: बिजली कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर निकाला मसाल जुलूस, दिन भर रहे कार्य से विरत

Wed, 30 Nov 2022 05:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 30 Nov 2022 05:30 AM IST
विज्ञापन
Electricians took out a torchlight procession, refrained from day-long work
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से बिजली कर्मचारियों, अवर अभियंताओं व अभियंताओं ने अपनी मांगों की पूर्ति के लिए मंगलवार शाम को मशाल जुलूस निकाला। हालांकि बिजली कर्मी जिले में 17 नवंबर से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी कड़ी में संगठन की ओर से व्यापक विरोध-प्रदर्शन के तहत दिन भर कर्मचारी कार्यों से विरत होकर जुलूस और प्रदर्शन में शामिल हुए। यह जुलूस शाम को लालदरवाजा से शुरू होकर कचहरी पर समाप्त हुआ। इस दौरान सैकड़ों बिजली कर्मचारियों ने मशाल लेकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि मांगों को नहीं मांगा गया तो 30 नवंबर से अनिश्चितकालिन हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन

संगठन के जिला संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि सभी बिजली कर्मियों, सेवानिवृत्त कर्मियों को कैशलेश इलाज की सुविधा प्रदान की जाए। साथ ही ट्रांसफॉर्मर वर्कशॉप के निजीकरण के आदेश को वापस लिए जाए। वर्ष 2000 के बाद ऊर्जा निगमों की सेवा में आए सभी कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। ऐसे ही ऊर्जा निगमों के कार्मिकों की सुरक्षा को लेकर पावर सेक्टर इम्प्लाइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मियों के पिछले कई वर्षों से लंबित बोनस का भुगतान किया जाए। सह संयोजक अभिषेक राय ने कहा कि तेलगाना, पंजाब, दिल्ली, ओडिशा सरकार के आदेश की तरह ऊर्जा निगमों के संविदा/निविदा कर्मियों को नियमित किया जाए। साथ ही सेवा प्रदाता द्वारा संविदा कर्मियों के ईपीएफ भुगतान में किए गए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और घोटाले की धनराशि वाह्य सेवा प्रदाता से वसूल किया जाए।
विज्ञापन

अक्तूबर 2020 में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों एवं विद्युत कर्मियों के विरुद्ध की गई एफआईआर को तत्काल निरस्त कराया जाए। जिला संरक्षक शिवदर्शन सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम देवराज के तानाशाही रवैया से प्रदेश के सभी अधिकारी एवं विद्युत कर्मचारी मानसिक और आर्थिक रुप से पीड़ित हैं जो हाल ही में मिर्जापुर के मुख्य अभियंता राजाबाबू कटियार इनके तानाशाही एवम मनमानी दबाव के कारण तनाव में जान दे दिए जिसमे इस चेयरमैन को तत्काल निलंबित किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed