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दहेज प्रताड़ना में पति, सास, ससुर को कारावास और अर्थदंड
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Wed, 04 May 2016 11:47 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश शमशाद अहमद की अदालत ने थाना रेवतीपुर क्षेत्र के नगदीलपुर गांव में दहेज प्रताड़ना के मामले में पीड़िता की ओर से प्रस्तुत फौजदारी अपील में सुनवाई करते हुए पति, सास एवं ससुर को विभिन्न धाराओं में छह-छह माह का कारावास और कुल 6-6 हजार रूपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मालूम हो कि भांवरकोल थाना क्षेत्र के शेरपुर कला निवासी जनार्दन यादव की बहन देवंती की शादी रेवतीपुर थाना क्षेत्र के नगदीलपुर निवासी विमलेश यादव पुत्र कालिका यादव के साथ हुई थी। शादी के बाद देवंती के ससुराल वाले दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करने लगे जिसको लेकर विवाहिता की ओर से पति विमलेश यादव, ससुर कालिका यादव और सास कौशिल्या देवी पर फौजदारी वाद की धारा 498ए, 323, 506 भादवि और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा द्वितीय अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। पिछले वर्ष सभी आरोपियों को अदालत द्वारा दोषमुक्त कर दिया गया।
पीड़िता की ओर से निर्णय के विरूद्घ जिला एवं सत्र न्यायधीश की अदालत में अपील की गई। अपील में सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए धारा 498ए के तहत तीन-तीन माह का कारावास एवं पांच-पांच हजार रूपये के अर्थदंड, धारा 506 के तहत तीन-तीन माह का कारावस और एक-एक हजार रूपये के अर्थदंड, धारा 323 के अंतगर्त एक-एक माह का कारावास और धारा 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत छह-छह माह के कारावास की सजा सुनाई है।
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मालूम हो कि भांवरकोल थाना क्षेत्र के शेरपुर कला निवासी जनार्दन यादव की बहन देवंती की शादी रेवतीपुर थाना क्षेत्र के नगदीलपुर निवासी विमलेश यादव पुत्र कालिका यादव के साथ हुई थी। शादी के बाद देवंती के ससुराल वाले दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करने लगे जिसको लेकर विवाहिता की ओर से पति विमलेश यादव, ससुर कालिका यादव और सास कौशिल्या देवी पर फौजदारी वाद की धारा 498ए, 323, 506 भादवि और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा द्वितीय अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। पिछले वर्ष सभी आरोपियों को अदालत द्वारा दोषमुक्त कर दिया गया।
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पीड़िता की ओर से निर्णय के विरूद्घ जिला एवं सत्र न्यायधीश की अदालत में अपील की गई। अपील में सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए धारा 498ए के तहत तीन-तीन माह का कारावास एवं पांच-पांच हजार रूपये के अर्थदंड, धारा 506 के तहत तीन-तीन माह का कारावस और एक-एक हजार रूपये के अर्थदंड, धारा 323 के अंतगर्त एक-एक माह का कारावास और धारा 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत छह-छह माह के कारावास की सजा सुनाई है।
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