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Ghazipur News: जर्जर रेल पटरियों पर हो रहा ठंड और तेज रफ्तार का दोहरा वार

Sun, 04 Dec 2022 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 04 Dec 2022 11:48 PM IST
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Double attack of cold and high speed on dilapidated railway tracks
गाजीपुर/बारा। पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर-पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल से गुजरने वाली दिल्ली - हावड़ा मेन लाइन अति व्यस्त लाइन में शुमार है। पीडीडीयू - बक्सर की जर्जर रेल पटरियां ठंड में तेज रफ्तार ट्रेनों का भार सहन नहीं कर पा रही हैं। ठंड शुरू होते ही आए दिन हो रहे ट्रैक फ्रैक्चर के चलते रेल सफर आसान नहीं है।
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रेलखंड के गहमर में 17 किमी. और दिलदारनगर सेक्शन के 53 किमी. रेल ट्रैक पर 130 किमी की रफ्तार में ट्रेनें दौड़ रही हैं। आए दिन रेल पटरी टूटने की घटना से स्पष्ट है कि रेलपथ अभियांत्रिकी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा रेल पटरी के रख रखाव में गंभीरता नहीं बरती जा रही है। पीडीडीयू - बक्सर रेलखंड के पटरियों की हालत ठीक नहीं है।
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बक्सर - पंडित दीनदयाल उपाध्याय रूट पर प्रतिदिन राजधानी सहित दर्जनों मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें दौड़ती हैं। ठंड में कहीं न कहीं पटरी टूटने और चटकने की घटना आए दिन होती रहती है। कई बार चटकी पटरी पर से ही ट्रेनें गुजर जाती हैं। जब चटकी पटरियों की जानकारी विभाग को होती है, तो दुरुस्त कर पुन: ट्रेनों को 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से काशन के माध्यम से चलाया जाता है। पटरी के चटके हुए स्थान पर वेल्डिंग कर पुन: पूरे रफ्तार में ट्रेनों के परिचालन का सिलसिला शुरू हो जाता है।
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संसाधनों के अभाव की मार से जूझ रहा रेल पथ अभियंत्रण विभाग
गाजीपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय - बक्सर रेलखंड के दिलदारनगर - बक्सर रेलपथ विभाग मौजूदा समय में संसाधनों के अभाव का भी दंश झेल रहा है। गौरतलब हो कि इस रेलखंड पर बीते अक्टूबर, नवंबर एवं दिसंबर माह में ठंड के दस्तक के साथ दिलदारनगर - बक्सर रेलपथ अभियंत्रण क्षेत्रधिकार में चार बार ट्रैक फ्रैक्चर की घटना हो चुकी है। दानापुर डिवीजन के पीडीडीयू रेलखंड के गहमर रेलपथ विभाग बिहार प्रांत के कमरपुर हाल्ट से गाजीपुर के देवहल गांव तक किलोमीटर संख्या 668/13 से 695/0 तक है। इसकी कुल लंबाई 54 किमी है। 54 किमी लंबे ट्रैक की सुरक्षा के लिए लगभग 120 ट्रैक मैन होने चाहिए। वर्तमान में इस सेक्शन में 75 ट्रैक मैन ही कार्यरत हैं।
इंजीनियरिंग विभाग के कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
गाजीपुर। बीते 30 अक्टूबर को जमानिया - दरौली स्टेशन के बीच रेल पटरी टूट गई। 10 नवंबर को गहमर - भदौरा स्टेशन के बीच देवकली गांव के पास रेल पटरी टूट गई। 17 नवंबर को भदौरा - दिलदारनगर के बीच रेल पटरी टूटने से हड़कंप मच गया। एक दिसंबर को बारा कला हाल्ट स्टेशन के पश्चिम रेल पटरी टूटकर दो हिस्सों में बंट गई। पेट्रोलिंग कर रहे कर्मियों की नजर टूटी पटरी पर पड़ गई और दुरुस्त कर दिया गया।

गहमर सेक्शन के रेल पथ निरीक्षक उपेंद्र कुमार ने बताया कि रेल ट्रैक तापमान को लेकर सिकुड़ता और फैलता रहता है। खासकर ठंड बढ़ने के कारण रेल ट्रैक चटकने की घटना होती रहती है। नियमित रूप से रेल ट्रैक के तापमान की जांच कर मेंटेनेंस का कार्य कराया जाता है। वहीं ट्रेनों की गति भी कंट्रोल कर दी जाती है।
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