गाजीपुर। जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखते हैं। अंदर जांच करने के बजाय मरीजों को बाहर प्राइवेट लैब पर भेज दिया जाता है। इसका खुलासा सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी के जिला महिला अस्पताल के निरीक्षण में हुआ। उन्होंने व्यवस्था में सुधार के लिए जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. केएन चौधरी व मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा को निर्देशित किया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, एसएनसीयू लेबर रूम, अल्ट्रासाउंड रूम एवं ओपीडी का निरीक्षण किया। ओपीडी में उनको पता चला कि डॉक्टर द्वारा मरीजों को अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट आदि के लिए बाहर प्राइवेट लैब में भेजा जाता है। जिला महिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड सेंटर पर एक दिन में 10 या 12 मरीज का अल्ट्रासाउंड होता है। दवाइयां बाहर से लेने को लिखी जाती हैं। ओपीडी में उपस्थित मरीजों द्वारा अपनी समस्या से उनको अवगत कराया गया। अस्पताल में मरीजों की सहूलियत के लिए जो लिफ्ट लगे थे, वह संचालन में नहीं थे। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी की ओर से जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. केएन चौधरी व मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आनंद मिश्रा को व्यवस्थाएं सुधारने का निर्देश दिया।
तैनाती चार की और उपस्थित मिले केवल एक शिक्षक-गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी की ओर से फॉक्सगंज स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गर्भवती महिला के गोद भराई व शिशु का अन्नप्रासन करते हुए महिलाओं को समय से दवा व पौष्टिक आहार देने की हिदायत दी गई। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय फाक्सगंज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कक्षा एक से पांच तक में 14 बच्चे थे। बच्चों के पास प्राॅपर स्कूल यूनिफार्म नहीं थे। चार शिक्षकों में से मात्र एक ही शिक्षक एक ही क्लास में सब बच्चों को पढ़ाते हुए पाए गए। बच्चों की पढ़ाई में लापरवाही व विद्यालय में व्याप्त कमियों को देखते हुए उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा को निर्देशित किया।