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खंडहर न समझें...अनदेखी का सबूत है ये साधन सहकारी समिति

Wed, 08 Jun 2022 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2022 11:39 PM IST
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Do not think of ruins... this is the proof of ignorance, this means cooperative society
मौधा। किसानों को समय से खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए अनौनी गांव में बना साधन सहकारी समिति का भवन खंडहर हो चुका है। इसके चलते किसानों को खाद और बीज नहीं मिल पाता है। मजबूरन उन्हें खुले बाजार के भरोसे अपनी खेती करनी पड़ रही है।
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करीब 35 वर्ष पूर्व क्षेत्रीय किसानों की सुविधा के लिए अनौनी गांव में जब साधन सहकारी समिति का भवन बनकर तैयार होने लगा, तब लोगों को प्रसन्नता हुई कि अब उन्हें खाद और बीज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन लगभग 25 वर्षों बाद भवन जर्जर होने लगा। किसानों ने विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी कई बार दी और भवन की मरम्मत का आग्रह भी किया। लेकिन, किसानों की मांग की बार-बार उपेक्षा की गई। लेकिन भवन की मरम्मत नहीं की जा सकी। परिणामस्वरूप किसानों को यहां से वितरित होने वाला खाद और बीज भी बंद कर दिया गया। अब पिछले दस वर्षों से यह भवन खंडहर का रूप ले चुका है। इसके दरवाजे, खिड़कियां और फर्श टूट गए हैं। क्षेत्रीय किसानों में अनौनी स्थित साधन सहकारी समिति के भवन की बदहाली को लेकर रोष है। उनका कहना है कि अब उन्हें खाद-बीज लेने के लिए लगभग सात किलोमीटर दूर उचौरी स्थित सहकारी समिति जाना पड़ता है।
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भवन सही नहीं होने के कारण खाद और बीज का वितरण दूसरी समितियों से करना पड़ रहा है जो ठीक नहीं है। विभागीय अधिकारियों को इसमें सक्रियता दिखानी चाहिए । - राधा विनोद तिवारी
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विभाग को अनौनी सहकारी समिति भवन की मरम्मत कराना चाहिए ताकि खाद-बीज का वितरण सुचारू रूप से संचालित हो और क्षेत्रीय किसानों को इसका लाभ मिले । - अनुज पांडेय
भवन की मरम्मत कर खाद एवं बीज के वितरण के लिए किसानों का प्रतिनिधिमंडल कई बार विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। - जितेंद्र पांडेय

बड़े किसान तो कहीं से भी खाद, बीज का इंतजाम कर लेते हैं लेकिन असली परेशानी छोटे किसानों की है। जिनको खाद-बीज के लिए बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता है। - विवेक पांडेय
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