बड़ी कार्रवाई: गाजीपुर के 78 अफसरों का वेतन रोका, 23 जिला स्तरीय अधिकारी; डीएम ने लिया एक्शन
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में जिलाधिकारी की कार्रवाई से अफसरों में हड़कंप मच गया। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर संबंधित लोगों को फटकार भी लगाई गई। इनमें 23 तो जिला स्तरीय अधिकारी भी शामिल हैं।
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Ghazipur News: गाजीपुर जनपद में जनसुनवाई-समाधान में आने वाले प्रार्थनापत्रों का शत प्रतिशत निस्तारण और फीडबैक संतोषजनक न पाए जाने पर जिले के 78 अधिकारियों के अगस्त माह का वेतन रोक दिया गया है। यह वेतन डीएम अविनाश कुमार ने संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त न होने तक रोका है।
इनमें 23 तो जिला स्तरीय अधिकारी भी शामिल हैं। डीएम के इस कार्रवाई से अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। अब संबंधित अधिकारी फीड बैक प्राप्त करते हुए प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में लग गए हैं।
जनसुनवाई-समाधान (आईजीआरएस) पोर्टल पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध और गुणवत्तापरक निस्तारण करना शासन की प्राथमिकता है। जनपद में इन प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के बाद संबंधित आमजन से फीडबैक लेने की व्यवस्था की गई है। लेकिन, डीएम ने समीक्षा में पाया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न किए जाने के कारण असंतुष्ट फीडबैक मिल रहा है।
कार्रवाई से हड़कंप
इससे स्पष्ट हुआ कि जनपद स्तरीय अधिकारियों की ओर से निस्तारण में ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारियों की इस उदासीनता के कारण जहां एक ओर आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर समस्या का समुचित समाधान न होने पर आमजन द्वारा एक ही शिकायत को एकाधिक प्लेटफार्म पर दर्ज कराया जा रहा है। ऐसे में डीएम ने 78 अधिकारियों के अगस्त माह का वेतन रोक दिया है।
इसमें उप निदेशक कृषि, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी,जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अधिकारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग समेत 23 जिला स्तरीय अधिकारी और ईओ सदर, बीडीओ सदर, रेवतीपुर, मुहम्मदाबाद,बाराचवर, समेत 55 पूरे जिले के अलग-अलग विभागों के अधिकारी शामिल हैं। इनका फीडबैक 45 फीसदी से भी कम हैं। डीएम ने बताया कि अगस्त में 75 प्रतिशत से कम संतुष्ट फीडबैक प्राप्त अधिकारियों का संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त न होने तक वेतन रोका गया है।