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तीसरे नजर की जद में होगा जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल अब तीसरे नजर की जद में होगा। ओपीडी, दवा काउंटर और वार्डों में जहां सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनके फुटेज को सुरक्षित रखा जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से कवायद तेज कर दी गई है। साथ ही जांच मशीनों की नए सिरे से मानीटरिंग भी कराई जाएगी, जिससे खराब पड़ी जांच मशीनों को हटाकर नए मशीनों को भी स्थापित कराया जाएगा।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचते हैं। वहीं गंभीर बीमारियों से पीड़ित और दुर्घटना में घायल मरीजों को बेहतर उपचार के लिए वार्डों में भर्ती कराया जाता है। ऐसे में उन्हें सिर्फ नि:शुल्क के रूप से बेड और डॉक्टरों का परामर्श ही मिलता है। जबकि दवा के लिए जहां उन्हें निजी मेडिकल स्टोर का सहारा लेना पड़ता है। वहीं गंभीर बीमारियों की जांच के लिए उन्हें निजी केंद्रों तक दौड़ लगानी पड़ती है। यहीं नहीं अन्य भी दिक्कतों का सामना उन्हें करना पड़ता है। इन शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने सरकारी अस्पतालों के ओपीडी, वार्डों और दवा काउंटर पर सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए निर्देशित किया है। साथ ही इसके फुटेज को भी सुरक्षित रखने का कहा गया है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उसकी जांच कराई जा सके। ऐसे में अब अस्पताल प्रशासन की ओर से सीसी टीवी कैमरा लगाने के लिए चिन्हिकरण के साथ कार्रवाई तेज कर दी है, जिससे निर्धारित समय के अंदर ओपीडी सभागार और ओपीडी कक्ष के अलावा दवा काउंटर एवं वार्डों में सीसी टीवी कैमरा लगाया जा सके। इसके साथ ही जांच मशीनों की मानीटरिंग कर उसकी भी सूची तैयार की जाएगी, जिससे लंबे समय से खराब पड़े इन जांच मशीनों को हटाकर नए मशीन लगाए जा सके। इस संबंध में राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा ने बताया कि एक माह के अंदर अस्पताल सीसी टीवी कैमरे की जद में होगा। इसके लिए स्थान चिन्हित करने के साथ ही कार्रवाई भी तेज कर दी गई है।
संचार व्यवस्थाओं को भी किया जाएगी दुरुस्त
गाजीपुर। जिला अस्पताल की संचार व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा। प्रत्येक ओपीडी कक्ष में जहां टेलीफोन की सुविधा होगी। वही आपतकक्ष से लेकर वार्डों एवं जांच केंद्रों को भी इससे लैस किया जाएगा। संचार व्यवस्थाओं के दुरुस्त होने से डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को अस्पताल में कार्य करते समय एक- दूसरे से संपर्क करने में सहूलियत होगी। इसके लिए भी राजकीय मेडिकल कालेज प्रशासन की ओर से कवायद तेज कर दी गई है।
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शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचते हैं। वहीं गंभीर बीमारियों से पीड़ित और दुर्घटना में घायल मरीजों को बेहतर उपचार के लिए वार्डों में भर्ती कराया जाता है। ऐसे में उन्हें सिर्फ नि:शुल्क के रूप से बेड और डॉक्टरों का परामर्श ही मिलता है। जबकि दवा के लिए जहां उन्हें निजी मेडिकल स्टोर का सहारा लेना पड़ता है। वहीं गंभीर बीमारियों की जांच के लिए उन्हें निजी केंद्रों तक दौड़ लगानी पड़ती है। यहीं नहीं अन्य भी दिक्कतों का सामना उन्हें करना पड़ता है। इन शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने सरकारी अस्पतालों के ओपीडी, वार्डों और दवा काउंटर पर सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए निर्देशित किया है। साथ ही इसके फुटेज को भी सुरक्षित रखने का कहा गया है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उसकी जांच कराई जा सके। ऐसे में अब अस्पताल प्रशासन की ओर से सीसी टीवी कैमरा लगाने के लिए चिन्हिकरण के साथ कार्रवाई तेज कर दी है, जिससे निर्धारित समय के अंदर ओपीडी सभागार और ओपीडी कक्ष के अलावा दवा काउंटर एवं वार्डों में सीसी टीवी कैमरा लगाया जा सके। इसके साथ ही जांच मशीनों की मानीटरिंग कर उसकी भी सूची तैयार की जाएगी, जिससे लंबे समय से खराब पड़े इन जांच मशीनों को हटाकर नए मशीन लगाए जा सके। इस संबंध में राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा ने बताया कि एक माह के अंदर अस्पताल सीसी टीवी कैमरे की जद में होगा। इसके लिए स्थान चिन्हित करने के साथ ही कार्रवाई भी तेज कर दी गई है।
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संचार व्यवस्थाओं को भी किया जाएगी दुरुस्त
गाजीपुर। जिला अस्पताल की संचार व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा। प्रत्येक ओपीडी कक्ष में जहां टेलीफोन की सुविधा होगी। वही आपतकक्ष से लेकर वार्डों एवं जांच केंद्रों को भी इससे लैस किया जाएगा। संचार व्यवस्थाओं के दुरुस्त होने से डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को अस्पताल में कार्य करते समय एक- दूसरे से संपर्क करने में सहूलियत होगी। इसके लिए भी राजकीय मेडिकल कालेज प्रशासन की ओर से कवायद तेज कर दी गई है।
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