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जिला अस्पताल प्रशासन ने नहीं खरीदा कोरोना कवच

Fri, 03 Jul 2020 10:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2020 10:06 PM IST
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District hospital administration did not buy corona armor
गाजीपुर। देश में कोरोना वायरस के दस्तक देने के बाद शासन स्तर से प्रत्येक जिले में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के मद्देनजर ‘कोरोना कवच’ खरीदने का निर्देश दिया गया था। इसके लिए अलग से छह लाख रुपये भी जिला अस्पताल को उपलब्ध कराया गया। इस पैसे से कर्मचारियों के लिए एन-19 मास्क, दस्ताना, सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनर आदि की खरीददारी करनी थी। कर्मचारी इंतजार करते रह गए लेकिन चार माह बाद भी इन सामानों की खरीददारी नहीं हुई। मजबूरन उन्हें अपने पाकेट के पैसे से मास्क और दस्ताना खरीदना पड़ा। जिला अस्पताल प्रशासन से इस संबंध में बताया कि उस पैसे से अन्य जरूरी उपकरणों की खरीद हुई है।
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जिला अस्पताल में कोविड-19 से बचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के पास कोई हथियार नहीं है। आम आदमी की तरह वह भी खुद का पैसा खर्च कर मास्क, सैनिटाइजर और दस्ताना खरीद रहे हैं। कोरोना संक्रमितों से आमने-सामने जंग लड़ने वाले कर्मचारी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों को स्वयं पैसा खर्च करना पड़ रहा है। जानकारों की माने तो शुरुआती दौर में प्रदेश सरकार ने संक्रमण को देखते हुए कुल 75 जनपदों में जिला अस्पताल के कर्मचारियों को सुरक्षित रखने और अन्य तैयारियों के नाम पर मार्च माह में ही छह लाख रुपये की धनराशि भेज दी थी। इस धनराशि से मास्क, दस्ताना और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद करनी थी। इसके लिए, बीते 31 मार्च का समय भी निर्धारित किया गया था, लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन ने कोविड संक्रमण से बचाव की तैयारी तो दूर विभाग के अन्य कार्यों के नाम पर धनराशि खर्च कर उसका बंदरबांट किया गया है। यही नहीं, कोरोना संकट से बचने की ज्यादातर तैयारियां कागजों में पूर्ण की गई हैं। यह धरातल पर कहीं नहीं दिखाई दे रही हैं। बीते 23 मार्च की देर शाम कोरोना संकट को देखते हुए संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा करने के साथ ही जिला अस्पताल में संचालित चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को बंद कर दिया गया था। केवल आपातकालीन सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने का काम किया गया था। इस बीच तैनात डाक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को मास्क, दस्ताना, सैनिटाइजर तक उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा था। उनके द्वारा की गई बार-बार शिकायतों का भी विभागीय अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा।
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भर्ती मरीजों को नहीं उपलब्ध कराया था मास्क
गाजीपुर। कोरोना संकट से जूझ रहे जनपद में शासन के निर्देश के बाद भी जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों को भी मास्क तक नहीं उपलब्ध कराया गया। यह कोई नया मामला नहीं है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को यहां से अन्यत्र जाने तक की सलाह दी गई। इन्हें अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधाओं का कोई लाभ नहीं मिला।
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स्वयंसेवी संस्थाओं से मिले मास्क और दस्ताने से की खानापूर्ति
गाजीपुर। सरकार की ओर से आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए मिली धनराशि का भले ही बंदरबांट न किया गया हो, लेकिन महामारी के दौरान स्वयं सेवी संस्थाओं से मिले मास्क, दास्ताने एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की खानापूर्ति में विभाग जुटा है।

शासन की ओर से आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए धनराशि अस्पताल प्रशासन को भेजी गई थी। अभी तक कुछ सामान की ही खरीददारी की गई है। अभी भी उनके खाते में शेष धनराशि बची हुई है। इसे कर्मचारियों के मास्क, दस्ताने समेत अन्य जरूरी सामानों पर खर्च होगा। - डा. जीसी मौर्या, सीएमओ
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