खानपुर। प्रतापगढ़ के लालगंज कोतवाली में सिपाही के पद पर तैनात खरौना गांव निवासी आशुतोष यादव के परिजन न्याय की आस छोड़ चुके हैं। उनका कहना है कि जब पत्रक देकर जांच की मांग की गई तो स्थानीय प्रशासन ने उल्टे ही मुकदमा दर्ज कर दिया। ऐसे में सहयोग और न्याय की आस नहीं दिखाई पड़ रही है। मृतक के बड़े भाई वासुदेव यादव ने कहा कि न्याय के लिए पत्रक देने पर पुलिस द्वारा मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है। इससे साफ जाहिर होता है कि पुलिस के मन-मस्तिष्क में क्या चल रहा है। ऐसे में अब जो उम्मीद थी, वह भी समाप्त होती दिख रही है। वहीं पुलिस द्वारा सड़क जाम करने पर 10 नामजद और 35 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से परिजनों सहित ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। एक ग्रामीण ने बताया कि ग्रामीणों ने सहयोग किया तो उल्टे सभी पर मुकदमा कर दिया गया।
मालूम हो कि 25 सितंबर को प्रतापगढ़ के लालगंज में तैनात सिपाही आशुतोष यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने इसे लेकर 26 सितंबर को खरौना गांव के सामने गाजीपुर-वाराणसी मार्ग जाम कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने सड़क जाम करने पर दस नामजद और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। सैदपुर के सीओ राजीव द्विवेदी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के माध्यम से पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को पत्रक भेजा जा चुका है।