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Ghazipur News: 4.56 करोड़ रुपये खर्च, फिर भी 15 वर्षों से अधूरे पड़े हैं 76 कांशीराम आवास

Sat, 17 Jan 2026 12:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jan 2026 12:18 AM IST
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Despite spending Rs 4.56 crore, 76 Kanshiram houses have remained incomplete for 15 years
ससना गांव के पास बने अधूरे पड़ा कांशीराम आवास कॉलोनी का बदहाल भवन। संवाद
गाजीपुर। जनपद में कांशीराम आवास योजना सियासत का शिकार होती दिख रही है। सत्ता परिवर्तन के साथ ही अधिकारियों ने भी कांशीराम आवास योजना को लेकर मुंह फेर लिया। यही कारण है कि 15 वर्षों से 76 कांशीराम आवास अधूरे पड़े हैं। जबकि इसके निर्माण पर 4.56 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
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2008 में कांशीराम आवास योजना को मंजूरी मिली थी। 2009-10 में कांशीराम आवास का निर्माण कार्य शुरू हुआ। एक वर्ष तक जनपद के ससना व देवकठिया जमुना देवा गांव में कांशीराम आवासों का निर्माण कार्य चला। देवकठिया जमुना देवा में 40 आवासों का निर्माण किया गया।प्लास्टर, विद्युतीकरण व पेयजल की व्यवस्था होने से पहले ही कार्य बंद हो गया। ससना में 36 आवासों का निर्माण हुआ, लेकिन यहां भी बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गईं। दोनों जगहों पर अधूरे कार्यों के कारण आवास आवंटन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। दोनों स्थानों पर खड़ी अधूरी इमारतें खंडहर हो रही हैं।
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केस नंबर एक - गाजीपुर शहर के गरीबों को पक्का छत मुहैया कराने के उद्देश्य से देवकठिया जमुना देवा में कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत 12 बिस्वा में 40 फ्लैटों का निर्माण कराया गया है। फ्लैट निर्माण के नाम पर इमारत का ढांचा खड़ा कर दिया गया है, लेकिन प्लास्टर नहीं किया गया है। साथ ही विद्युतीकरण, शौचालय व पेयजलापूर्ति की व्यवस्था भी नहीं है।
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केस नंबर दो -सादात नगर पंचायत के गरीबों को पक्का घर देने के लिए ससना ग्राम पंचायत में 36 आवासों का निर्माण किया गया। कुल 250 आवासों का निर्माण होना था, लेकिन बीच में ही कार्य बंद हो गया। कार्य दोबारा शुरू कराने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई पहल नहीं की गई।
अराजकतत्वों का बना अड्डा
ससना व देवकठिया जमुना देवा में अधूरे पड़े कांशीराम आवास अराजकतत्वों का अड्डा बन चुके हैं। सादात के धर्मचंद्र मोदनवाल व देवकठिया के अमित यादव ने बताया कि दिन में भी अराजकत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके कारण सभ्य लोग इन मार्गों से आवागमन में परहेज करते हैं।
फाइलों में टूट गए गरीबों के सपने
गाजीपुर। सादात के रामा राजभर व अंधऊ के राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि जब कांशीराम आवासों का निर्माण शुरू हुआ था, तो उस समय गरीबों ने खुद के पक्के छत का सपना साकार होने की उम्मीदें संजो रखे थे। लेकिन, प्रदेश की सियासत में बदलाव आते ही योजना सरकारी फाइलों में कैद हो गए। इन्हीं फाइलों में गरीबों के सपने भी टूट गए। सादात के संजय पटवा व जंगीपुर के रविंद्र गुप्ता ने बताया कि हर वर्ष गरीब इंतजार करते रहते हैं कि शायद अब कांशीराम आवास योजना का निर्माण कार्य फिर से शुरू होगा।
गरीबों की योजनाएं भी सियासत की शिकार हो जाती हैं। इसका उदाहरण कांशीराम शहरी आवास योजना है। वर्षों से यह यह योजना फाइलों में कैद होकर रह चुकी है। - रविंद्र यादव, देवकठिया
कांशीराम आवास योजना को पूरा करने को लेकर अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। वर्षों से गरीब पक्की छत के लिए इंतजार कर रहे हैं। - सुमित्रा देवी, देवकठिया
अधूरे कांशीराम आवास धीरे-धीरे यह खंडहर में तब्दील होते जा रहे हैं। सरकार व अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए। - दुर्गेश यादव, ग्राम प्रधान ससना
कांशीराम आवासों के अधूरे होने के साथ ही गरीबों की उम्मीदें भी अधूरी रह गई हैं। झोपड़ी में रहने वाले लोग आज भी पक्के छत मुहैया होने का इंतजार कर रहे हैं। - रामाश्रय यादव, पहाड़पुर

ससना में बने 36 आवासों का आवंटन कर दिया गया है। जमुना देवा में बने आवासों की जांच कराई जा रही है। जल्द ही नियमानुसार आवंटन कर दिया जाएगा। तत्कालीन समय में कुछ आवासों के अर्धनिर्मित होने की सूचना है, जिसके निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। - आयुष चौधरी, अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व
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