कासिमाबाद। गलत बिजली बिल से परेशान सिधउत गांव के दलित बस्ती के बीपीएल कार्ड धारकों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर उप जिलाधिकारी को संबोधित पत्रक नायब तहसीलदार को देकर पूरा बिल वापस करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप था कि बिना बत्ती, पंखा चलाए बिजली विभाग ने बिल भेज दिया है जो पूरी तरह से गलत है। बीपीएल कार्डधारक ग्रामीणों का आरोप था कि बिजली विभाग के लोग हम लोगों से आधार कार्ड की फोटो कॉपी लेकर चले गए थे। उस समय कहा गया था कि आप लोगों को नि:शुल्क कनेक्शन के साथ विद्युत भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। सभी ग्रामीणों ने एक स्वर से कहा कि हम लोगों की बिजली का बिल बिना उपयोग किए ही 10 हजार रुपये से ऊपर का आ गया है जो पूरी तरह से गलत है। बताया कि बत्ती पंखा चला ही नहीं, घर में कनेक्शन का तार लगा ही नहीं तो बिल किस तरह का आया है। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को संबोधित पत्रक नायब तहसीलदार को देते हुए सभी बिजली बिल वापस कराने की मांग किया। साथ ही बीपीएल परिवारों को मिट्टी का तेल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। नायब तहसीलदार राकेश कनौजिया ने ग्रामीणों को समझाते हुए पत्रक लिया और कहा कि इसको उच्चाधिकारियों को भेजवा दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में भीम आर्मी के विधानसभा अध्यक्ष मनोज कुमार, शीला देवी, विमला देवी, ज्योति देवी, कुंती देवी, प्रमिला देवी, सुशीला देवी, कुसुम देवी, ललिता देवी, इंदू देवी, ध्रुपद राम, शंकर राम, विजय कुमार, शिवशंकर राम, पूर्णमासी, रमई राम, वंशराज आदि शामिल थे।