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Ghazipur News: हाथ भर ऊपर दौड़ रही है मौत, चलें जान बचाकर
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फोटो-
सड़क से मात्र पांच से छह फीट पर गुजर रहा विद्युत तार हादसे को दे रहा दावत
तारों को दुरुस्त करना तो दूर शिकायत के बाद भी अधिकारियों की नहीं टूट रही तंद्रा
आंकड़े
30 प्राथमिक विद्यालयों के छतों एवं परिसर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तार
कॉमन इंट्रो...
शहर में विद्युत तारों का मकड़जाल हादसे को दावत दे रहा है। सड़क से मात्र पांच से छह फीट की दूरी पर आपूर्ति पहुंचा रहे। इन जर्जर तारों से राहगीरों एवं दुकानदारों के सिर मौत मंडरा रही है। यहीं नहीं जनपद के 30 ऐसे प्राथमिक विद्यालय है, जिनके छत तो परिसर से हाईटेंशन विद्युतारों का जाल फैला है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जानकारी के बावजूद भी अधिकारियों की तंद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है।
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गाजीपुर। शहर के प्रमुख इलाकों में हाईटेंशन विद्युत तारों का मकड़जाल हादसे को दावत दे रहा है। स्थिति यह है कि दुकानों की छतों से सटे और सड़क से महज पांच से छह फीट की ऊंचाई पर मौजूद तार राहगीरों और दुकानों के लिए आफत बनी हुई है। यहीं नहीं प्राथमिक विद्यालयों के परिसरों एवं छतों के ऊपर से गुजर रहे जर्जर हाईटेंशन विद्युत तारों के टूटने का भय हमेशा शिक्षकों एवं छात्रों में बना रहता है।
साथ ही हरे पेड़ों की टहनियों की कटाई न होने से इन तारों में स्कार्पिंग की स्थिति प्रतिदिन बनी रहती है। जबकि विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा जर्जर तारों को दुरुस्त करने और हरे पेड़ों की कटाई कराने को लेकर जहमत नहीं उठाई जा रही है।
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प्रमुख बाजार में शामिल महुआबाग, जहां सड़क के दोनों तरफ दुकान स्थित है। यहां की स्थिति यह है कि सड़क से महज पांच से छह फीट ऊपर जर्जर हाईटेंशन तार जाल गुजर रहा है। कहीं- कहीं तो ये विद्युत तार दुकानों से सटा हुआ है। तेज हवा चलने पर आपस में स्कार्पिंग शुरू हो जाती है। ऐसे में दुकानदारों एवं अन्य लोग हादसे के भय से इधर- उधर सुरक्षित स्थान तलाशने में जुट जाते हैं।
यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा आज तक इसको दुरुस्त नहीं कराया गया। सिटी रेलवे रेलवे स्टेशन से लंका के तरफ आ रही सड़क पटरियों पर खड़े पोलों से होकर गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत काफी जानलेवा हो चुका है। आए दिन टूटकर गिरता रहता है, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
मिश्रबाजार स्थित कोतवाली के पास तो हाईटेंशन तार का ऐसा विद्युत जाल है कि अगर थोड़ी सी लापरवही बरती गई, तो वह जानलेवा हो सकता है। गोराबाजार से जिला अस्पताल जा रही सड़क की पटरियों से गुजर रहा हाईटेंशन विद्युत तार इतना जर्जर हो चुका है कि आए दिन टूटकर गिरता रहता है। यहीं नहीं सड़क से महज कुछ ही दूरी पर यह जानलेवा बन चुका है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि लालदरवाजा विद्युत विभाग के कार्यालय के पास विद्युत तार पर हरी लताएं लटकी हुई हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकती है। कमोवेश यही हाल ग्रामीण इलाकों में भी बना हुआ है, लेकिन स्थितियां जस की तब बनी हुई हैं।
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लटक रहे तारों को दुरुस्त करने के लिए पूर्व में पत्र लिखा गया है। सेंट्रल पीस कमेटी की भी बैठक बुलाई गई है, जिसमें बिजली के अधिकारियों को विशेष तौर पर इसे लेकर कहा जाएगा।- अरूण कुमार सिंह, एडीएम
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सड़क से मात्र पांच से छह फीट पर गुजर रहा विद्युत तार हादसे को दे रहा दावत
तारों को दुरुस्त करना तो दूर शिकायत के बाद भी अधिकारियों की नहीं टूट रही तंद्रा
आंकड़े
30 प्राथमिक विद्यालयों के छतों एवं परिसर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तार
कॉमन इंट्रो...
शहर में विद्युत तारों का मकड़जाल हादसे को दावत दे रहा है। सड़क से मात्र पांच से छह फीट की दूरी पर आपूर्ति पहुंचा रहे। इन जर्जर तारों से राहगीरों एवं दुकानदारों के सिर मौत मंडरा रही है। यहीं नहीं जनपद के 30 ऐसे प्राथमिक विद्यालय है, जिनके छत तो परिसर से हाईटेंशन विद्युतारों का जाल फैला है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जानकारी के बावजूद भी अधिकारियों की तंद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है।
गाजीपुर। शहर के प्रमुख इलाकों में हाईटेंशन विद्युत तारों का मकड़जाल हादसे को दावत दे रहा है। स्थिति यह है कि दुकानों की छतों से सटे और सड़क से महज पांच से छह फीट की ऊंचाई पर मौजूद तार राहगीरों और दुकानों के लिए आफत बनी हुई है। यहीं नहीं प्राथमिक विद्यालयों के परिसरों एवं छतों के ऊपर से गुजर रहे जर्जर हाईटेंशन विद्युत तारों के टूटने का भय हमेशा शिक्षकों एवं छात्रों में बना रहता है।
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साथ ही हरे पेड़ों की टहनियों की कटाई न होने से इन तारों में स्कार्पिंग की स्थिति प्रतिदिन बनी रहती है। जबकि विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा जर्जर तारों को दुरुस्त करने और हरे पेड़ों की कटाई कराने को लेकर जहमत नहीं उठाई जा रही है।
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प्रमुख बाजार में शामिल महुआबाग, जहां सड़क के दोनों तरफ दुकान स्थित है। यहां की स्थिति यह है कि सड़क से महज पांच से छह फीट ऊपर जर्जर हाईटेंशन तार जाल गुजर रहा है। कहीं- कहीं तो ये विद्युत तार दुकानों से सटा हुआ है। तेज हवा चलने पर आपस में स्कार्पिंग शुरू हो जाती है। ऐसे में दुकानदारों एवं अन्य लोग हादसे के भय से इधर- उधर सुरक्षित स्थान तलाशने में जुट जाते हैं।
यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा आज तक इसको दुरुस्त नहीं कराया गया। सिटी रेलवे रेलवे स्टेशन से लंका के तरफ आ रही सड़क पटरियों पर खड़े पोलों से होकर गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत काफी जानलेवा हो चुका है। आए दिन टूटकर गिरता रहता है, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
मिश्रबाजार स्थित कोतवाली के पास तो हाईटेंशन तार का ऐसा विद्युत जाल है कि अगर थोड़ी सी लापरवही बरती गई, तो वह जानलेवा हो सकता है। गोराबाजार से जिला अस्पताल जा रही सड़क की पटरियों से गुजर रहा हाईटेंशन विद्युत तार इतना जर्जर हो चुका है कि आए दिन टूटकर गिरता रहता है। यहीं नहीं सड़क से महज कुछ ही दूरी पर यह जानलेवा बन चुका है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि लालदरवाजा विद्युत विभाग के कार्यालय के पास विद्युत तार पर हरी लताएं लटकी हुई हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकती है। कमोवेश यही हाल ग्रामीण इलाकों में भी बना हुआ है, लेकिन स्थितियां जस की तब बनी हुई हैं।
लटक रहे तारों को दुरुस्त करने के लिए पूर्व में पत्र लिखा गया है। सेंट्रल पीस कमेटी की भी बैठक बुलाई गई है, जिसमें बिजली के अधिकारियों को विशेष तौर पर इसे लेकर कहा जाएगा।- अरूण कुमार सिंह, एडीएम