Dog Attack: हर महीने 30 से ज्यादा लोगों को काट रहे खूंखार कुत्ते, गाजीपुर में गलियों से सड़कों तक दहशत
Ghazipur News: यूपी के गाजीपुर में कुत्तों को लेकर लगातार दहशत व्याप्त है। यहां के स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी सिरम रेबीज की व्यवस्था कर दी गई है।
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जिले में हर महीने 30 से ज्यादा लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो रहे हैं। संक्रमित कुत्तों के हमले में घायल लोगों को एंटी सिरम रेबीज का सिर्फ एक डोज संक्रमण से बचाता है। जिले में एंटी सिरम रेबीज की व्यवस्था मेडिकल कॉलेज में इस वर्ष जनवरी महीने से शुरू हुई है।
सीएमओ डाॅ. एसके पांडेय ने बताया कि कुत्तों के हमले को तीन चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में कुत्ते द्वारा खरोंच और दूसरे चरण में काटने को रखा गया है। इन दोनों चरणों में मरीज का ज्यादा खून नहीं बहा हो। तीसरे चरण में कुत्तों के काटने समय अधिक दांत धंसाने व मांस को प्रभावित करना है। दो चरणों में तो रेबीज का इंजेक्शन मरीज को लगाया जाता है।
तीसरे चरण में मरीज को एंटी सिरम रेबीज इंजेक्शन लगाया जाता है, जो तत्काल संक्रमण को रोकने का काम करता है। एंटी सिरम रेबीज वर्तमान समय में 75 वॉयल उपलब्ध है। एक महीने में कम से कम 30 वॉयल की खपत हो जाती है। यह इंजेक्शन सिर्फ जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल में ही उपलब्ध है। जबकि एंटी रेबीज इंजेक्शन सीएचसी, पीएचसी, न्यू पीएचसी सहित सभी सेंटरों पर उपलब्ध है। यह इंजेक्शन मरीज को चार डोज में दिया जाता है।
दहशत में लोग
वर्तमान समय में दोनों इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, जो चिकित्सकों के परामर्श के मुताबिक मरीजों को वहां के स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लगाया जाता है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि एक माह में 2500 से 2700 मरीज रेबीज इंजेक्शन लगाने आते हैं।
रोज नए मरीजों की संख्या 30 से 40 के बीच होती है। जिले के 19 पीएचसी और 59 न्यू पीएचसी पर प्रतिमाह एंटी रेबीज के 3000 वॉयल की खपत होती है। एक वॉयल में चार लोगों को इंजेक्शन लगता है। करीब 12 हजार लोगों को प्रतिमाह एंटी रेबीज इंजेक्शन लग रहा है। इसमें कुत्ता और बंदर के हमले से घायल मरीज शामिल हैं।
दो हजार से अधिक मूल्य का है एंटी सिरम रेबीज- एंटी सिरम रेबीज बाजार में काफी महंगा मिलता है। चीफ फार्मासिस्ट बुद्धी प्रसाद ने बताया कि यह इंजेक्शन बाजार में करीब 2175 रुपये का एक वॉयल मिलता है। यह इंजेक्शन कुत्तों के हमले से गंभीर रूप से घायल मरीज को लगाया जाता है।
ग्रामीण इलाकों में अधिक होते हैं घायल
शहर की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में अधिक लोग कुत्ते के हमले से घायल होते हैं। यहीं वजह है कि सीएचसी, पीएचसी और न्यूपीएचसी पर रेबीज के इंजेक्शन के लिए अधिक मरीज पहुंचते हैं। यहीं नहीं शहर से सटे आस-पास के लोग भी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचते हैं। इसमें कुत्तों के अलावा बंदरों के हमले के भी मरीज शामिल होते हैं।
जल्द ही निकलेगा टेंडर,पकड़े जाएंगे कुत्ते
नगर पालिका परिषद के ईओ धीरेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही टेंडर निकलेगा। इसे लेकर कार्रवाई चल रही है। सड़कों एवं मोहल्लों में घुम रहे कुत्तों को पकड़ने का काम होगा। इसके बाद ही ऐसे कुत्तों की नसबंदी भी होगी। इसके लिए नपा प्रशासन की ओर से ठोस कदम उठाया जा रहा है। एक माह में यह प्रक्रिया पूर्ण कर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।