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Ghazipur News: चौकी पर दर्ज नहीं सीयूजी नंबर, हाईवे पर लिखा मिला 8 किमी दूर थाने का नंबर
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मटेहूं चौकी से कुछ दूरी पर हाइवे के बीच में बोर्ड पर दर्ज मरदह थानाध्यक्ष का नंबर।
- फोटो : संवाद
गाजीपुर। जिले में पुलिसिंग की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 53 चौकियों के प्रभारियों का सीयूजी नंबर पुलिस महकमा ने जारी किया था। बावजूद अधिकांश चौकी पर अब तक नए सीयूजी नंबर दर्ज नहीं हैं। यहीं नहीं हाईवे पर लगे बोर्ड पर नजदीक के चौकी प्रभारी के बजाय आठ किमी दूर थाने के थानाध्यक्ष का नंबर दर्ज है। ऐसे में घटना की सूचना चौकी से पहले थाने पर जाती है। इसके बाद थाने से चौकी को जानकारी मिलती है।सोमवार की दोपहर 2.46 बजे से 53 चौकी के 31 सीयूजी नंबर पर फोन लगाकर पड़ताल की गई, जिसमें नगर के दो प्रमुख चौकियों का नंबर जहां बंद मिला। वहीं पांच चौकियों का सीयूजी नंबर दो से तीन कॉल के बाद भी नहीं उठा। अपराध पर अंकुश एवं अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के साथ हादसा और अन्य दिक्कतों की जानकारी होने पर तत्काल चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी और प्रभारी पहुंच सके, इसके लिए बीते आठ जून को एसपी ने चौकी प्रभारियों का सीयूजी नंबर जारी किया था। उद्देश्य मात्र इतना कि इन स्थायी नंबरों से आमजन का सीधा संपर्क चौकी प्रभारी से होगा और उनकी शिकायतों का त्वरित निस्तारण चौकी स्तर से ही हो जाएगा। मरदह थाना का मटेहूं चट्टी जो मऊ बार्ड से एक किमी पहले स्थापित हैं। इस चौकी पर तैनात प्रभारी का स्थानांतरण एक माह पूर्व गैर जनपद हो चुका है, बावजूद उनका नाम और मोबाइल नंबर अंकित है। यहीं नहीं चौकी से कुछ पहले हाईवे के बीचोबीच बोर्ड पर थानाध्यक्ष का नंबर दर्ज है। ऐसे में दुर्घटना होने पर राहगीर द्वारा आठ किमी दूर थाने को सूचना दी जाती है। इसके बाद थाने से चौकी को जानकारी मिल पाती है। इधर, दोपहर 2.46 बजे नगर के प्रमुख चौकी लोटन इमली के नंबर पर संपर्क किया गया तो सीयूजी नंबर स्विच ऑफ मिला। वहीं दोपहर तीन बजे महराजगंज चौकी का भी सीयूजी नंबर बंद था। जबकि दोनों शहर की प्रमुख चौकियां हैं। इसके अलावा नगर के ही विशेश्वरगंज चौकी की सीयूजी दोपहर 2.48 बजे, रजदेपुर चौकी का सीयूजी नंबर दोपहर 2.55 पर नहीं उठा, खिजिरपुर चौकी सीयूजी दोपहर 3.11 बजे अनेबल टू कॉनटेक्ट, मंझनपुर चौकी का दोपहर 3.20 बजे फोन नहीं उठा।
अब तक नहीं बना व्हाट्सएप ग्रुप-एसपी ने ये भी निर्देश भी जारी किया गया था कि इस सीयूजी नंबर को चौकी पर दर्ज किया जाए और व्हाट्सग्रुप ग्रुप भी बनाया जाए। बावजूद स्थिति यह है कि अधिकांश चौकियों पर अभी सीयूजी नंबर दर्ज नहीं हो सका है। यहीं नहीं व्हाट्सग्रुप ग्रुप भी नहीं बना है। फिलहाल कागजों में ही उच्चाधिकारियों का आदेश- निर्देश का संचालन हो रहा है।
केस-1सेवराई ग्राम प्रधान सुभाष यादव ने बताया कि अभी तक चौकी प्रभारी ने कोई व्हाट्सग्रुप नहीं बनाया है। इसके बन जाने से आमजनों को काफी सहूलियत होगी। सेवराई चौकी प्रभारी रिवांशु पांडेय ने कहा कि अभी प्रभार लिए एक से दो दिन हुआ है। जल्द ही व्हाट्सएप ग्रुप बना लिया जाएगा।
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केस-2नौदर प्रधान पंचदेव सिंह ने बताया कि ग्राम सुरक्षा समिति का व्हाट्सएप ग्रुप नहीं बना है। जमुआव प्रधान अंकेश सिंह ने बताया कि ग्राम सुरक्षा समिति हो चाहे पास की चौकी के सीयूजी नंबर से जोड़कर कोई व्हाट्सएप ग्रुप नहीं बना है। अगर ग्रुप बनता है तो काफी सहूलियत होगी और आमजन की समस्या चौकी स्तर से ही निस्तारित हो सकेगी।
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अब तक नहीं बना व्हाट्सएप ग्रुप-एसपी ने ये भी निर्देश भी जारी किया गया था कि इस सीयूजी नंबर को चौकी पर दर्ज किया जाए और व्हाट्सग्रुप ग्रुप भी बनाया जाए। बावजूद स्थिति यह है कि अधिकांश चौकियों पर अभी सीयूजी नंबर दर्ज नहीं हो सका है। यहीं नहीं व्हाट्सग्रुप ग्रुप भी नहीं बना है। फिलहाल कागजों में ही उच्चाधिकारियों का आदेश- निर्देश का संचालन हो रहा है।
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केस-1सेवराई ग्राम प्रधान सुभाष यादव ने बताया कि अभी तक चौकी प्रभारी ने कोई व्हाट्सग्रुप नहीं बनाया है। इसके बन जाने से आमजनों को काफी सहूलियत होगी। सेवराई चौकी प्रभारी रिवांशु पांडेय ने कहा कि अभी प्रभार लिए एक से दो दिन हुआ है। जल्द ही व्हाट्सएप ग्रुप बना लिया जाएगा।
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केस-2नौदर प्रधान पंचदेव सिंह ने बताया कि ग्राम सुरक्षा समिति का व्हाट्सएप ग्रुप नहीं बना है। जमुआव प्रधान अंकेश सिंह ने बताया कि ग्राम सुरक्षा समिति हो चाहे पास की चौकी के सीयूजी नंबर से जोड़कर कोई व्हाट्सएप ग्रुप नहीं बना है। अगर ग्रुप बनता है तो काफी सहूलियत होगी और आमजन की समस्या चौकी स्तर से ही निस्तारित हो सकेगी।