{"_id":"7106f6cef6dc59c1206b1550f38c4f92","slug":"old-prisoner-has-been-died-in-jail-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल में वृद्ध बंदी की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जेल में वृद्ध बंदी की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Mon, 15 Dec 2014 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला जेल में हत्या के मामले में निरुद्ध एक वृद्ध बंदी की रविवार की देर रात संदिग्ध हाल में मौत हो गई। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत की वजह का पता चलेगा।
कासिमाबाद थाना क्षेत्र के खेताबपुर नसीरुद्दीनपुर गांव निवासी मोहन राम (55) का उसके भाई पूर्व सैनिक राममोहर राम से काफी समय से भूमि का विवाद चल रहा था। इसी को लेकर 3 मार्च 2014 की रात करीब आठ बजे से राममोहर कहीं से बाइक से घर आ रहा था। इसी दौरान घर के पास ही मोहन राम और उसके पुत्र धर्मेन्द्र राम ने उसे रोक लिया और लाठी-डंडे तथा धारदार हथियार से मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
गंभीर रूप से घायल होने से राममोहर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पिता-पुत्र मौके से फरार हो गए थे। मृतक की पत्नी ने पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या का रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के दो दिन बाद ही 5 मार्च को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तबसे पिता-पुत्र जिला जेल में है। रविवार की देर रात अचानक मोहन राम की तबियत खराब हो गई। बताया गया है कि उसके पेट में अचानक तेज दर्द उठा।
विज्ञापन
जानकारी होते ही जेल के चिकित्सक बैरक में पहुंचे और उसका चेकअप किया। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल ले आया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में जेलर बीके त्रिवेदी ने बताया कि मोहन राम के पेट में अचानक दर्द होने से उसकी तबियत खराब हो गई। उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना उसके परिवार वालों को दे दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
विज्ञापन
कासिमाबाद थाना क्षेत्र के खेताबपुर नसीरुद्दीनपुर गांव निवासी मोहन राम (55) का उसके भाई पूर्व सैनिक राममोहर राम से काफी समय से भूमि का विवाद चल रहा था। इसी को लेकर 3 मार्च 2014 की रात करीब आठ बजे से राममोहर कहीं से बाइक से घर आ रहा था। इसी दौरान घर के पास ही मोहन राम और उसके पुत्र धर्मेन्द्र राम ने उसे रोक लिया और लाठी-डंडे तथा धारदार हथियार से मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
विज्ञापन
गंभीर रूप से घायल होने से राममोहर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पिता-पुत्र मौके से फरार हो गए थे। मृतक की पत्नी ने पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या का रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के दो दिन बाद ही 5 मार्च को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तबसे पिता-पुत्र जिला जेल में है। रविवार की देर रात अचानक मोहन राम की तबियत खराब हो गई। बताया गया है कि उसके पेट में अचानक तेज दर्द उठा।
विज्ञापन
जानकारी होते ही जेल के चिकित्सक बैरक में पहुंचे और उसका चेकअप किया। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल ले आया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में जेलर बीके त्रिवेदी ने बताया कि मोहन राम के पेट में अचानक दर्द होने से उसकी तबियत खराब हो गई। उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना उसके परिवार वालों को दे दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा।