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‘बुद्धं शरणं’ मामले में 31 पर केस
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Sat, 09 Jul 2016 12:38 AM IST
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बैठक लेते एसपी
- फोटो : अमर उजाला
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संयुुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद अंतर्गत पॉलीटेक्निक की प्रवेश परीक्षा में सामूहिक नकल से बने फर्जी टॉपर मामले में प्रधानाचार्य, 28 छात्रों सहित 31 लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। शासन स्तर से पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश पुलिस कप्तान गाजीपुर को दिए गए थे। शुक्रवार को शाम इस मामले में कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की ओर से पॉलीटेक्निक की प्रवेश परीक्षा पहली मई को कराई गई थी। इस परीक्षा में जनपद में करीब 14 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनके लिए शहर और उससे सटे ग्रामीण क्षेत्रों में 25 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। प्रवेश परीक्षा का परिणाम 10 जून को जारी किया गया था। इस परीक्षा में सामूहिक नकल की पुष्टि होने पर जांच कराई गई। जांच में पता चला कि 28 परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिका लगभग एक सी है। इन संदिग्ध टापरों को 23 जून को परिषद के कार्यालय में बुलाया गया था। इनका टेस्ट लिया गया जिसमें वह असफल साबित हुए। सामान्य सवालों के जवाब भी वह नहीं दे सके।
परिषद ने सामूहिक नकल की पुष्टि होने पर सभी 28 परीक्षार्थियों का रिजल्ट निरस्त कर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया था। इस क्रम में शुक्रवार की शाम राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बुद्धं शरणं इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पारस सिंह कुशवाहा, विशेष परीनिरीक्षक, परीनिरीक्षक के अलावा 28 छात्रों के खिलाफ धारा 7/8/10 सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधन का प्रयोग करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ सदर वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि सामूहिक नकल के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की ओर से पॉलीटेक्निक की प्रवेश परीक्षा पहली मई को कराई गई थी। इस परीक्षा में जनपद में करीब 14 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनके लिए शहर और उससे सटे ग्रामीण क्षेत्रों में 25 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। प्रवेश परीक्षा का परिणाम 10 जून को जारी किया गया था। इस परीक्षा में सामूहिक नकल की पुष्टि होने पर जांच कराई गई। जांच में पता चला कि 28 परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिका लगभग एक सी है। इन संदिग्ध टापरों को 23 जून को परिषद के कार्यालय में बुलाया गया था। इनका टेस्ट लिया गया जिसमें वह असफल साबित हुए। सामान्य सवालों के जवाब भी वह नहीं दे सके।
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परिषद ने सामूहिक नकल की पुष्टि होने पर सभी 28 परीक्षार्थियों का रिजल्ट निरस्त कर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया था। इस क्रम में शुक्रवार की शाम राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बुद्धं शरणं इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पारस सिंह कुशवाहा, विशेष परीनिरीक्षक, परीनिरीक्षक के अलावा 28 छात्रों के खिलाफ धारा 7/8/10 सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधन का प्रयोग करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ सदर वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि सामूहिक नकल के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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