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अपराध पर अंकुश लगाने में नाकाम है पुलिस

Mon, 17 Jul 2017 11:43 PM IST
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:43 PM IST
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अपराध पर अंकुश लगाने में नाकाम है पुलिस
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गाजीपुर। बिहार प्रांत से सटे और कर्मनाशा नदी के पास स्थित सैनिकों के गांव गहमर में लंबे समय से अपराध फल-फूल रहा है। इन दिनों यह इलाका अपराधियों के लिए शरणस्थली बना हुआ है। हाल के दिनों में गहमर क्षेत्र में कई वारदातें हुई। अपराधी अभी तक पकड़े नहीं गए। देखा जाए तो तीन दिन के अंदर बदमाशों ने क्षेत्र में दो बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है, लेकिन बदमाश पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस की निष्क्रियता से क्षेत्रीय लोगों में दहशत व्याप्त है।
दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाले जवानों के परिजन दहशत में हैं। बीते 14 जुलाई की रात तीन बदमाशों ने करहिया मठ पर दीपक गुप्ता को गोली मारने के साथ हवा में कई राउंड फायरिंग कर आराम से निकल गए। तीन दिन गुजरने के बाद भी उन्हें पकड़ना तो दूर बदमाशों का सुराग तक नहीं मिला है। पुलिस मामले की विवेचना करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ ले रही है। बीते 16 जुलाई की रात इसी थाना क्षेत्र में करहिया निवासी शातिर अपराधी और कुछ हिस्ट्रीशीटर बदमाशों ने सड़क निर्माण का कार्य करा रही कार्यदायी संस्था के मैनेजर से खुलेआम रंगदारी मांगी, न देने पर मैनेजर सहित तीन कर्मचारियों को मारपीट कर घायल कर दिया और असलहा लहराते हुए फरार हो गए। जब मामला थाने पहुंचा तो तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के बजाय मामले में छानबीन करने की बात कह टाल-मटोल किया जाने लगा। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को हुई तब जाकर किसी तरह मुकदमा दर्ज हुआ। आला अफसरों के निर्देश पर पुलिस कुछ देर के लिए सक्रिय हुई। बावजूद अभी तक न तो शातिर बदमाशों को पकड़ पाई और न ही तीन दिन पूर्व हुए गोलीकांड की विवेचना पूरी कर पाई। अगर ग्रामीणों की माना जाए तो गहमर पुलिस की निष्क्रियता ही इसकी देन है।
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हिस्ट्रीशीटर पर दर्ज हैं कई मुकदमे
गाजीपुर। पुलिस के मुताबिक कार्यदायी संस्था के मैनेजर से रंगदारी मांगने और रंगदारी न देने पर मैनेजर सहित तीन कर्मचारियों को मारने-पीटने के मामले वालों में एक हिस्ट्रीशीटर और अन्य शातिर बदमाश हैं। इतना ही नहीं सबके ऊपर विभिन्न थाने में संगीन मामलों में मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार सात साल पहले बसुका गांव निवासी अवकाश प्राप्त डीआईजी चंद्रिका राय के भाई पंचदेव राय को हिस्ट्रीशीटर अजय सिंह उर्फ तड़पू ने मारपीट कर घायल कर दिया था। इस मामले में वह लंबे समय से जेल में था।
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सफेद पोश के संरक्षण में हैं बदमाश
गाजीपुर। रंगदारी न मिलने पर मारपीट कर दहशत फैलाने वाले अपराधी और हिस्ट्रीशीटर बदमाश पुलिस की पकड़ से अभी भी दूर हैं। इन बदमाशों को सफेदपोशों का संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस पूरे प्रकरण को जानती है। बावजूद इनकी गिरफ्तारी नहीं कर रही है।
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