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हत्या के मामले में तीन को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Wed, 09 Nov 2016 11:34 PM IST
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बहरियाबाद थाना क्षेत्र में चार साल पहले किये गए हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट नंबर तीन) संजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद और बीस-बीस हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना क्षेत्र के राजापुर निवासी श्यामलाल यादव पुत्र शंकर यादव ने 26 अक्टूबर 2012 को थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि गांव के ही अजय यादव पुत्र रामधनी यादव से उनकी जमीन की रंजिश चल रही थी। 25-26 अक्टूबर 2012 की रात उसके पिता शंकर यादव रोज की तरह खाना खाकर घर से अपने पंपिंग सेट पर सो रहे थे। भोर में गांव के ही अजय यादव ने उसके पिता को सोते समय ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोली चलने की आवाज सुनकर वह अपने चाचा शिवधनी, जयप्रकाश यादव पुत्रगण रामलखन यादव तथा शिवधनी का बेटा अशोक यादव पंपिंग सेट पर भाग कर पहुंचे।
वहां देखा कि अजय यादव गोली मारकर भाग रहा था। उसके साथ दो व्यक्ति भी मौजूद थे। तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। विवेचना के दौरान गांव के दिनेश यादव पुत्र सीताराम यादव और मनोहर यादव पुत्र कल्पनाथ यादव का नाम प्रकाश में आया था। तीनों के खिलाफ आरोप पत्र धारा 302 के अंतर्गत न्यायालय में दाखिल किया गया। हत्या में प्रयुक्त असलहा बरामद कर अजय यादव के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह यादव ने सात गवाह पेश किए। गवाहों ने घटना का समर्थन किया। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा बीस-बीस हजार रुपया अर्थदंड की सजा सनाई है। इस दौरान अजय यादव को आयुध अधिनियम के तहत दो वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार की अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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थाना क्षेत्र के राजापुर निवासी श्यामलाल यादव पुत्र शंकर यादव ने 26 अक्टूबर 2012 को थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि गांव के ही अजय यादव पुत्र रामधनी यादव से उनकी जमीन की रंजिश चल रही थी। 25-26 अक्टूबर 2012 की रात उसके पिता शंकर यादव रोज की तरह खाना खाकर घर से अपने पंपिंग सेट पर सो रहे थे। भोर में गांव के ही अजय यादव ने उसके पिता को सोते समय ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोली चलने की आवाज सुनकर वह अपने चाचा शिवधनी, जयप्रकाश यादव पुत्रगण रामलखन यादव तथा शिवधनी का बेटा अशोक यादव पंपिंग सेट पर भाग कर पहुंचे।
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वहां देखा कि अजय यादव गोली मारकर भाग रहा था। उसके साथ दो व्यक्ति भी मौजूद थे। तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। विवेचना के दौरान गांव के दिनेश यादव पुत्र सीताराम यादव और मनोहर यादव पुत्र कल्पनाथ यादव का नाम प्रकाश में आया था। तीनों के खिलाफ आरोप पत्र धारा 302 के अंतर्गत न्यायालय में दाखिल किया गया। हत्या में प्रयुक्त असलहा बरामद कर अजय यादव के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह यादव ने सात गवाह पेश किए। गवाहों ने घटना का समर्थन किया। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा बीस-बीस हजार रुपया अर्थदंड की सजा सनाई है। इस दौरान अजय यादव को आयुध अधिनियम के तहत दो वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार की अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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