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Ghazipur News: स्थगन आदेश न मानने पर जमानिया प्रभारी निरीक्षक से न्यायालय से मांगा जवाब

Sat, 18 Apr 2026 12:56 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2026 12:56 AM IST
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Court Seeks Explanation from Zamania Inspector-in-Charge for Disregarding Stay Order
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह की अदालत ने शुक्रवार को जमानिया प्रभारी निरीक्षक को तीन बिंदुओं पर व्यक्तिगत शपथपत्र पर जवाब देने और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत का आदेश दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि जिला जज के स्थगनादेश के बाद भी परगनाधिकारी के आदेश को वरीयता देना यह दर्शाता है कि प्रभारी निरीक्षक न्यायिक पदानुक्रम तक भूल चुके हैं। सिविल जज वरिष्ठ संवर्ग द्वारा पारित निर्णय के विरुद्ध जनपद न्यायाधीश के यहां इन्द्रासनी देवी बनाम गोवर्धन पांडेय मामले की अपील दायर की गई थी।
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22 मई 2025 को सुनवाई का अवसर प्रदान किए जाने के बाद जनपद न्यायाधीश ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था जो आज भी प्रभावी है।
अपील करने वाले ने प्रार्थनापत्र देकर कोर्ट को बताया कि जमानिया थाने की पुलिस उन्हें बेदखल कर विवादित भूमि पर कब्जा और निर्माण कराने का प्रयास कर रही है। कहा कि जब पुलिस को जिला जज का स्थगन आदेश दिखाया तो परगनाधिकारी के आदेश का हवाला देकर कोर्ट के आदेश को मानने से इन्कार कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश ने आदेश में कहा कि यह प्रकरण की गंभीरता को बढ़ाता है। विधि के शासन की परिकल्पना में हस्तक्षेप का प्रयास प्रतीत होता है। कोर्ट ने प्रभारी निरीक्षक जमानिया को प्रार्थनापत्र की प्रति भेजते हुए अगली तारीख पर व्यक्तिगत शपथ-पत्र के साथ तीन बिंदुओं पर जवाब देने को कहा है।
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न्यायालय ने जमानिया प्रभारी निरीक्षक से इन बिंदुओं पर मांगा जवाब
1. किन परिस्थितियों में जिला जज के स्थगन आदेश का अनुपालन करने से इन्कार किया गया।
2. जब सिविल न्यायालय का स्थगन आदेश था, तब परगनाधिकारी के आदेश को वरीयता क्यों दी गई।
3. न्यायालय के आदेश की अवहेलना के लिए क्यों न प्रभारी निरीक्षक की संपत्ति कुर्क कर तीन माह तक सिविल कारावास में निरुद्ध किया जाए।
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