गाजीपुर। महामारी में बेड, वेंटिलेटर और इलाज की आवश्कता इन दिनों बढ़ गई है। जिले में आठ निजी और छह सरकारी कोविड अस्पतालों में 1107 बेड और महज 24 वेंटिलेटर हैं। इन्हीं चिकित्सकीय व्यवस्थाओं पर जिले की 42 लाख की आबादी निर्भर है। ऐसे में 3795 लोगों के लिए एक बेड और और एक लाख 75 हजार पर एक वेंटिलेटर की उपलब्धता है। बढ़ते कोरोना संक्रमितों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र के मिलाकर 14 अस्पतालों को कोविड-19 अस्पताल में तब्दील किया गया है। निजी अस्पताल में शामिल शम्मे गौसिया मेडिकल कालेज सहेड़ी में 107 बेड, सिंह लाइफ केयर हास्पिटल रौजा में 100 बेड, गुडविल हास्पिटल आमघाट में 25 बेड, वर्ल्ड ग्रीन सैदपुर में 100 बेड, केएसबी आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज सादात में 100 बेड, माता सरस्वती सेवा संस्थान मरदह में 150 बेड, आरएस हास्पिटल देवा दुल्लहपुर में 150 बेड, धनरावती हास्पिटल जखनिया में 25 तो बेड हैं, लेकिन वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। वहीं जिला अस्पताल में 200 बेड, सीएचसी सादात में 30 बेड, सीएचसी मुहम्मदाबाद में 30 बेड, सीएचसी भदौरा में 30 बेड, सीएचसी सैदपुर में 30 बेड और सीएचसी खानपुर में 30 बेड को सुरक्षित कर कोविड-19 एल टू अस्पताल बनाया गया है। सिर्फ जिला अस्पताल में 24 वेंटिलेटर की उपलब्धता है, जो आबादी के मुताबिक नाकाफी है।