दर्दनाक हादसा: 15 दिन के मासूम के सिर से उठा पिता का साया, बिजली लाइन ठीक करते समय संविदाकर्मी की मौत
Ghazipur News: शटडाउन के बाद संविदा लाइनमैन लाइन बना रहा था। इसी दौरान अचानक करंट दौड़ा, जिसकी चपेट में आने से लाइनमैन की मौत हो गई। घटना से नाराज लोगों ने चक्काजाम कर दिया।
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गाजीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के बहुरा मड़ई गांव निवासी संविदा लाइनमैन की शनिवार सुबह 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन पर मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खानपुर विद्युत उपकेंद्र के समीप बिहारीगंज-चंदवक मार्ग पर शव रखकर करीब दो घंटे तक चक्का जाम किया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, मृतक के परिजनों को मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
मृतक के चचेरे भाई रजनीश यादव के अनुसार, बहुरा मड़ई गांव निवासी धर्मेंद्र यादव उर्फ वकील यादव (30) पुत्र रामअवध यादव विद्युत विभाग में संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे वह अहलादपुर गांव में 11 हजार वोल्ट की लाइन पर मरम्मत कार्य कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि कार्य शुरू करने से पहले शटडाउन लिया गया था, लेकिन बिना सूचना के शटडाउन वापस ले लिया गया, जिससे तार में अचानक करंट दौड़ गया।
मृतक के चचेरे भाई रजनीश यादव के अनुसार, करंट लगने से धर्मेंद्र गंभीर रूप से झुलस गए और खंभे से नीचे गिर पड़े। साथी कर्मचारियों और ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खानपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। धर्मेंद्र की शादी वर्ष 2021 में हुई थी। वह अपने पीछे पत्नी राधिका देवी, दो वर्षीय पुत्री श्रीयांशी और करीब 15 दिन के नवजात पुत्र श्रीयांश को छोड़ गए हैं। माता भगवानी देवी समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने खानपुर विद्युत उपकेंद्र के पास बिहारीगंज-चंदवक मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक चले चक्का जाम के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, मृतक के परिवार को उचित मुआवजा तथा आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
सूचना पर उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया, तहसीलदार हिमांशु सिंह, क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी, सैदपुर कोतवाल अनिल सिंह, भांवरकोल थाना प्रभारी बासुदेव प्रसाद, खानपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार पांडेय सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई तथा शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब दो घंटे बाद चक्का जाम समाप्त हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
15 दिन पहले ही बेटे का हुआ था जन्म
धर्मेंद्र यादव के घर 15 दिन पहले ही बेटे का जन्म हुआ था। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन शनिवार की घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। दो वर्षीय बेटी और 15 दिन के मासूम बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया। गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल है।