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माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर की पढ़ाई होगी अनिवार्य
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प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में वर्तमान सत्र से कंप्यूटर की पढ़ाई कराने के लिए सरकार गंभीर है। इसके लिए शासन से निर्देश जारी किए जा चुके हैं। निर्देश में कंप्यूटर की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन, उपस्थिति और गुणवत्तापरक शिक्षा पर भी विशेष बल देने की बात कही गई है। शासन के निर्देश पर ही इस सत्र से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कक्षाओं में एक वर्ष में पांच मासिक परीक्षाएं कराने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसके लिए विभाग की तरफ से पंचांग भी तैयार कर लिया गया है।
जिले में 28 राजकीय हाईस्कूल, 96 इंटरमीडिएट और 850 वित्तविहीन स्कूल संचालित हो रहे हैं। इन दोनों स्तर पर कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य करने से इसका लाभ अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं को मिल सकेगा। कंप्यूटर की पढ़ाई कराने के लिए अभी सभी विद्यालयों में कंप्यूटर के शिक्षक नहीं हैं और कंप्यूटर भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में जिले के जिन 20 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध है वहां के छात्र इसका लाभ ले सकते हैं। हाईस्कूल और इंटर दोनों स्तर पर मिलाकर इनकी संख्या लगभग 40 हजार हो सकती है। सभी विद्यालयों के पास कंप्यूटर कक्ष नहीं है। वहां पर एक या दो कंप्यूटर अगर उपलब्ध भी हैं तो वह कार्यालय कार्य के लिए ही हैं। ऐसी स्थिति में सभी स्कूलों में शत-प्रतिशत कंप्यूटर की पढ़ाई करा पाना संभव नहीं है। फिलहाल वर्तमान परिस्थितियों में कंप्यूटर की पढ़ाई करा पाना एक चुनौती पूर्ण कार्य है।
शासन की मंशा के अनुरूप वर्तमान शैक्षिक सत्र में जुलाई से फरवरी के बीच पांच मासिक परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। प्रथम, तृतीय और पंचम परीक्षा बहुविकल्पी होगी जबकि द्वितीय और तृतीय परीक्षा लिखित होगी। इस परीक्षा से छात्र-छात्राओं को एक अलग अनुभव प्राप्त होगा। सभी विद्यालयों में छात्रों की बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जा रही है। बायोमैट्रिक उपस्थिति को सत्यापित करने के लिए विद्यालय पर कंप्यूटर का होना आवश्यक है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर ओपी राय ने बताया कि विद्यालय की वेबसाइट तैयार कराई जा रही है। इसके साथ छात्रों की भी मेल आईडी भी बनाई जाएगी जिसका निदेश आ चुका है।
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जिले में 28 राजकीय हाईस्कूल, 96 इंटरमीडिएट और 850 वित्तविहीन स्कूल संचालित हो रहे हैं। इन दोनों स्तर पर कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य करने से इसका लाभ अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं को मिल सकेगा। कंप्यूटर की पढ़ाई कराने के लिए अभी सभी विद्यालयों में कंप्यूटर के शिक्षक नहीं हैं और कंप्यूटर भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में जिले के जिन 20 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध है वहां के छात्र इसका लाभ ले सकते हैं। हाईस्कूल और इंटर दोनों स्तर पर मिलाकर इनकी संख्या लगभग 40 हजार हो सकती है। सभी विद्यालयों के पास कंप्यूटर कक्ष नहीं है। वहां पर एक या दो कंप्यूटर अगर उपलब्ध भी हैं तो वह कार्यालय कार्य के लिए ही हैं। ऐसी स्थिति में सभी स्कूलों में शत-प्रतिशत कंप्यूटर की पढ़ाई करा पाना संभव नहीं है। फिलहाल वर्तमान परिस्थितियों में कंप्यूटर की पढ़ाई करा पाना एक चुनौती पूर्ण कार्य है।
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शासन की मंशा के अनुरूप वर्तमान शैक्षिक सत्र में जुलाई से फरवरी के बीच पांच मासिक परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। प्रथम, तृतीय और पंचम परीक्षा बहुविकल्पी होगी जबकि द्वितीय और तृतीय परीक्षा लिखित होगी। इस परीक्षा से छात्र-छात्राओं को एक अलग अनुभव प्राप्त होगा। सभी विद्यालयों में छात्रों की बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जा रही है। बायोमैट्रिक उपस्थिति को सत्यापित करने के लिए विद्यालय पर कंप्यूटर का होना आवश्यक है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर ओपी राय ने बताया कि विद्यालय की वेबसाइट तैयार कराई जा रही है। इसके साथ छात्रों की भी मेल आईडी भी बनाई जाएगी जिसका निदेश आ चुका है।
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