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रचनाएं सुनाकर कवियों ने लूटी वाहवाही
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Thu, 26 Feb 2015 11:11 PM IST
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क्षेत्र के मेदिनीपुर स्थित सती अनुसूइया शिक्षा निकेतन के संस्थापक पुरुषोत्तम सिंह की 12वीं पुण्यतिथि के मौके पर गुरुवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें दूर-दराज से आए कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी। मुख्य अतिथि भाजपा नेता डा. मुकेश सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस मौके पर विनय राय बबुरंग ने कमात केहू बा सनकत केहू बा सुनाया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। इसके बाद पुरुषार्थ जी ने अपनी रचना आशा ही हमार घर का पलकाइन बा सुनाकर लोगों को गुदगुदाया। हरिनारायण हरिश ने आओ नफरत के अंधेरे में नफरत को मिटाया जाए, हर तरफ नफरत का दीया बुझाकर उजाले का दीया जलाया जाए सुनाकर खूब सराहना बटोरी। कवयित्री संध्या ने अपनी रचना मोहब्बत के बोल अगर कोई बोल देता है लगता है, कि जैसे कानों में कोई रस घोल देता है सुनाकर लोगों को तालियां बटोरी।
कवि सम्मेलन में कुमार प्रवेश, गोपाल गौरव, अनंतदेव पांडेय, संजय तिवारी आदि ने काव्यपाठ किया। इससे पहले विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णबिहारी राय, प्रधानाचार्य रागिनी सिंह, प्रबंधक कमलेश प्रकाश सिंह, रामप्रवेश राय, अरुण शर्मा, पप्पू सेठ, वीरबहादुर सिंह, नंदलाल भारती, श्रीप्रकाश राय, पारस राम आदि उपस्थित थे। संचालन हरिनारायण हरिश और अध्यक्षता राजेश्वर सिंह ने की।
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इस मौके पर विनय राय बबुरंग ने कमात केहू बा सनकत केहू बा सुनाया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। इसके बाद पुरुषार्थ जी ने अपनी रचना आशा ही हमार घर का पलकाइन बा सुनाकर लोगों को गुदगुदाया। हरिनारायण हरिश ने आओ नफरत के अंधेरे में नफरत को मिटाया जाए, हर तरफ नफरत का दीया बुझाकर उजाले का दीया जलाया जाए सुनाकर खूब सराहना बटोरी। कवयित्री संध्या ने अपनी रचना मोहब्बत के बोल अगर कोई बोल देता है लगता है, कि जैसे कानों में कोई रस घोल देता है सुनाकर लोगों को तालियां बटोरी।
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कवि सम्मेलन में कुमार प्रवेश, गोपाल गौरव, अनंतदेव पांडेय, संजय तिवारी आदि ने काव्यपाठ किया। इससे पहले विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णबिहारी राय, प्रधानाचार्य रागिनी सिंह, प्रबंधक कमलेश प्रकाश सिंह, रामप्रवेश राय, अरुण शर्मा, पप्पू सेठ, वीरबहादुर सिंह, नंदलाल भारती, श्रीप्रकाश राय, पारस राम आदि उपस्थित थे। संचालन हरिनारायण हरिश और अध्यक्षता राजेश्वर सिंह ने की।
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