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संपूर्ण समाधान दिवस : 391 शिकायतों में मात्र 35 का हुआ समाधान, बाकी आश्वासन लेकर लौटे
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जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जनपद की सातों तहसीलों पर शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान आए 391 प्रार्थनापत्रों में 35 का मौके पर निस्तारण कर दिया। जबकि शेष फरियादियों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। मुहम्मदाबाद तहसील में डीएम आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने फरियादियों की समस्याएं सुनी। मौके पर आए 147 प्रार्थना पत्रों में 11 का निस्तारण हुआ। इस मौके पर डीएम ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त प्रार्थना- पत्रों को अविलंब मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए निस्तारण कराया जाए।
इसी क्रम में जखनिया में 42 में चार, जमानिया में 31 में दो का मौके पर निस्तारण किया गया। सदर तहसील में 50 प्रार्थना पत्र में चार का निस्तारण किया गया। कासिमाबाद में 59 में चार, सेवराई में 36 में तीन और सैदपुर में एडीएम की अध्यक्षता में 26 प्रार्थना- पत्र में सात का मौके पर निस्तारण किया गया। डीएम ने अधिकारियों को जल्द से जल्द शेष प्रार्थना-पत्रों के निस्तरण का निर्देश दिया।
इधर सुबह से ही तहसीलों में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण न होने पर उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। फरियादियों ने कहा कि अधिकारियों द्वारा समस्या तो सुनी जाती है, लेकिन तत्काल मौके पर निस्तारण न किए जाने से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कोई पीड़ा सुनने वाला नहीं है।
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इसी क्रम में जखनिया में 42 में चार, जमानिया में 31 में दो का मौके पर निस्तारण किया गया। सदर तहसील में 50 प्रार्थना पत्र में चार का निस्तारण किया गया। कासिमाबाद में 59 में चार, सेवराई में 36 में तीन और सैदपुर में एडीएम की अध्यक्षता में 26 प्रार्थना- पत्र में सात का मौके पर निस्तारण किया गया। डीएम ने अधिकारियों को जल्द से जल्द शेष प्रार्थना-पत्रों के निस्तरण का निर्देश दिया।
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इधर सुबह से ही तहसीलों में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण न होने पर उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। फरियादियों ने कहा कि अधिकारियों द्वारा समस्या तो सुनी जाती है, लेकिन तत्काल मौके पर निस्तारण न किए जाने से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कोई पीड़ा सुनने वाला नहीं है।
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