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Ghazipur News: कर्मचारियों की हड़ताल के कारण समितियों पर लटक रहे ताले

Mon, 26 Oct 2026 11:25 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 11:25 PM IST
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Committees under lock and key due to employees' strike
सहकारी समिति सचिवों के हड़ताल के कारण बी-पैक्स फाकराबाद समिति पर लटकता ताला। संवाद
बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों (बी-पैक्स) के सचिव व कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से समितियों पर ताले बंद हैं। रबी की बोआई के लिए उर्वरक नहीं मिलने से किसानों की बोआई पिछड़ रही है। बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने 22 अक्तूबर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है।
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कर्मचारियों के आंदोलन के कारण विकासखंड की सभी 13 न्याय पंचायत स्तरीय सहकारी समितियों पर ताले लटक गए हैं। साथ ही नकद वितरण करने वाली सहकारी संस्थाओं पर भी डीएपी उपलब्ध नहीं है। इसका असर किसानों को खाद वितरण सहित सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित होने वाले अन्य कृषि संबंधी कार्यों पर पड़ रहा है। रबी की बोअई के समय में समितियों का कामकाज प्रभावित होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। सहकारी समिति कर्मचारियों के आंदोलन का प्रमुख कारण नियमित वेतन व्यवस्था का अभाव, बकाया भुगतान और मौजूदा कमीशन आधारित भुगतान प्रणाली को लेकर असंतोष है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी वेतन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
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बी पैक्स सचिव संघ के जिला महामंत्री श्रीमन सिंह यादव का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं मिलने से परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसे आवश्यक खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी प्रमुख मांगों में नियमित वेतन व्यवस्था लागू करना, बकाया वेतन एवं कमीशन का भुगतान, वेतन विसंगतियों को दूर करना, वेतनमान में वृद्धि, सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण तथा मृतक आश्रितों को नौकरी देने जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शासन से कई बार आश्वासन मिलने के बाद भी हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तब संगठन ने आंदोलन शुरू किया। इसके तहत 7 सितंबर को मांगपत्र सौंपने के बाद 21 सितंबर और 5 अक्तूबर को भी बैठकों में समस्याओं पर चर्चा हुई। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 22 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई। वहीं अपर जिला सहकारी अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने कहा कि सचिवों की हड़ताल के कारण समितियों पर उर्वरक वितरण प्रभावित हुआ है। शासन स्तर पर इसका समाधान निकालने का प्रयास जारी है।
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