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भोले के रंग में रंगी लहुरीकाशी
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Mon, 16 Feb 2015 10:52 PM IST
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महाशिवरात्रि पर भोले बाबा की पूजा के लिए शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के शिव मंदिरों में रात से ही आस्था की बयार बहने लगी। अल सुबह से शुरू पूजा-पाठ का सिलसिला शुरूहो गया।
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महाहर धाम में पहुंचे हजारों श्रद्धालु त्रिनेत्रधारी का दर्शन-पूजन करने के साथ ही उनका जलाभिषेक करने के लुए जुटने लगे। इस दौरान भोले भंडारी के जयकारा सुबह से ही गूंजता रहा। कई मंदिरों से शाम को शिव बारात निकालने की तैयारियां भी पूरी हो चुकी है। मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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इस वर्ष 17 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व पड़ रहा है। इसको लेकर पिछले कई दिनों से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी तैयारी चल चलती रही। मंदिर की साफ-सफाई के साथ ही रंगाई-पुताई सहित मंदिर को झालरों और फूलों से सजाने का कार्य पर्व की पूर्व संध्या तक जारी रहा।
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शहर के लालदरवाज स्थित शिव मंदिर और गोराबाजार स्थित बूढ़ा महादेव मंदिर को फूल-मालाओं को सजाया गया था। मंगलवार को सूर्योदय होते ही भक्तों के पांव शिवालयों की तरफ बढ़ने शुरु हो जाए। जिले कई श्रद्धालु मरदह के महाहर धाम सहित कैशी स्थित मारकंडेय धाम और वाराणसी बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए जाते है। सुबह से लेकर देर रात तक दर्शन-पूजन का क्रम बना रहेगा। शिवरात्रि पर कई भक्त बाबा का जलाभिषेक भी करते है। कई भक्त शहर के गंगा घाटों से जल लेकर मरदह स्थित महाहर धाम पर सोमवार को रवाना हुए। ये श्रद्धालु शिवरात्रि के मौके पर बाबा का जलाभिषेक कर उनके परिवार के लिए मंगल की कामना करेंगे। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मंदिरों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है।